जानिए सफेद पानी (White Discharge) आने के 7 आम कारण

सफेद पानी आने के कारण : हर महिला को सफेद पानी गिरने की शिकायत पीरियड्स के दौरान रहती हैं। ज्यादातर मामलो में सफेद पानी यानी White Discharge नार्मल होता हैं। लेकिन कई बार ये किसी अन्य बीमारी के होने के एक लक्षण रूप में भी सामने आ सकता हैं। इसे मेडिकल भाषा में लिकोरिया कहते हैं।  योनी में से सफेद, पीला, भूरा या हरे रंग का पानी आ सकता हैं जिसमे सफेद पानी निकलना सबसे आम हैं। जब ये ज्यादा होने लगे और सफेद पानी के साथ में बदबू, खुजली जैसे लक्षण भी नज़र आने लगे तो ये किसी प्रकार के इन्फेक्शन या अन्य बीमारी का संकेत भी हो सकता हैं ऐसे में श्वेत प्रदर यानी लिकोरिया होने के कारण पहचान कर उसका इलाज करना जरुरी बन जाता हैं।

सफेद पानी एक चिपचिपा तरल पदार्थ होता हैं जो आम तौर पर गर्भाशय की एक ग्लैंड और योनी की पैदा होता हैं। प्रेगनेंसी के समय सफेद पानी आना सबसे ज्यादा समान्य होता हैं।  योनी से निकलने वाला पानी पतला, गाढ़ा या चिपचिपा हो सकता हैं। चलिए आगे कुछ सफेद पानी गिरने के आम कारण जानते हैं।

सफेद पानी (लिकोरिया) आने के कारण safed paani aana

सफेद पानी (लिकोरिया) आने के कारण

White Vaginal discharge Causes in Hindi

1. योनी की सफाई

डॉक्टर के अनुसार योनी से सफेद पानी निकलना एक साधारण प्रक्रिया होती हैं। जिसका प्रमुख लक्ष्य शरीर और योनी की गन्दगी को बाहर निकलना होता हैं। ये तरल को महिलाओ के गर्भाशय और यानि द्वारा बनाया जाता हैं इसमें बहुत से बैक्टीरिया और मृत कोशिकाए होती हैं जो शरीर से बाहर निकल जाती हैं। इससे योनी की सफाई हो जाती है और बैक्टीरिया निकल जाते हैं जिससे इन्फेक्शन होने का खतरा कम हो जाता हैं।

2. प्रेगनेंसी में पानी निकलना

कई महिलाओ को सफेद पानी की शिकायत प्रेगनेंसी में अधिक रहती हैं। और कुछ स्थितियों में दुधिया सफेद पानी निकलना प्रेग्नेंट होने का लक्षण भी हो सकता हैं खासकर जब ये काफी ज्यादा मात्रा में निकले। गर्भावस्था में निकलने वाला पानी में गंध काफी कम होती हैं।

हालाँकि ज्यादा white discharge जहा प्रेगनेंसी की और इशारा करता हैं पर इससे ये पक्का नहीं होता की प्रेग्नेंट ही होगी। अगर आपको ये हो रहा हैं तो पहले प्रेगनेंसी टेस्ट करके ये सुनिश्चित करे की आप गर्भवती हुई हो या नहीं। घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट करने के लिए आप हमारी ये पोस्ट देख सकते हैं : घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट कैसे करे

3. अनियमित पीरियड्स

समय पर पीरियड ना आना या माहवारी मिस हो जाना की समस्या काफी लडकियों को होती हैं। जब समान्य रूप से आने वाला सफेद पानी दिखने में लाल या भूरे रंग का हो तो ये अनियमित पीरियड होने की तरफ इशारा हो एकता हैं। कुछ दुर्लभ स्थितियों में ऐसा सर्वाइकल कैंसर का भी संकेत हो सकता हैं।

पीरियड का समय पर ना आने के कारण कई और भी होते हैं। पर जो सबसे आम कारण होता हैं वो है शरीर में हारमोंस का संतुलन बिगड़ना। अस्वस्थ जीवनशेली, गर्भ निरोधक दवाओ का ज्यादा सेवन करना और कई और ऐसे वजह है जीने हार्मोन बैलेंस बिगड़ सकता हैं।

4. पीरियड्स में सफेद पानी

अगर आपके पीरियड अगले कुछ दिनों में आने वाले है और आपको सफेद पानी आ रहा है जो दुधिया सफेद है दिखने में तो आपको घबराने की जरुरत नहीं हैं। ऐसे अवस्था में पानी आना नार्मल होता हैं। मासिक धर्म आने से पहले गर्भाशय इसे ज्यादा मात्रा में बनाता है जिससे बैक्टीरिया ज्यादा से ज्यादा बाहर निकल जाए और योनी स्वस्थ हो।

5. यीस्ट इन्फेक्शन

जब योनी से निकलने वाला पानी दिखने में सफेद-भूरा और गाढ़ा हो, जो फटे पनीर जैसा भी लगे तो ऐसा यीस्ट इन्फेक्शन होने का एक संकेत हो सकता हैं। यीस्ट इन्फेक्शन या खमीर संक्रमण अधिकतर महिलाओ को ज़िन्दगी में एक बार तो होता ही हैं। योनी में जब यीस्ट की मात्रा बढ़ जाती है तब ये समस्या आती हैं। इसमें जो बैक्टीरिया ज्यादा बढ़ता हैं उसका नाम कैंडिडा हैं।

इसमें पानी के साथ योनी में खुजली, सूजन और सम्भोग के दौरान दर्द होने जैसे लक्षण भी नज़र आते हैं। यीस्ट इन्फेक्शन होने की वजह ज्यादा एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल या कुछ ऐसे कारण जिनसे योनी में बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़े, होता हैं।

6. ओवुलेशन के समय

 

ओवुलेशन पीरियड्स होने के कुछ दिन बाद होता हैं। ओवुलेशन को प्रेग्नेंट होने का सबसे सही समय माना जाता हैं। पीरियड समाप्त होने के ठीक बाद पानी निकलना काफी कम हो जाता हैं पर कुछ दिन बाद सफेद पानी आना फिर से शुरू हो जाता हैं। वो ओवुलेशन पीरियड शुरू होने से ठीक पहले का समय होता हैं।

ऐसे समय में योनी से निकलने वाला पानी क्रीमी सफेद होता हैं और जब ओवुलेशन होता हैं तब शरीर सबसे ज्यादा इसे बनता हैं। कुछ स्त्रिया तो इसी से ओवुलेशन के समय का अंदाज़ा लगा लेती हैं।

7. बैक्टीरियल वेजिनोसिस संक्रमण

बैक्टीरियल वेजिनोसिस एक ऐसे इन्फेक्शन को कहते हैं जब योनी मे बैक्टीरिया काफी बढ़ जाए। योनी स्वस्थ रहने के लिए उसमे बैक्टीरिया और यीस्ट का एक जरुरी संतुलन होना चहिये और जब बैक्टीरिया ज्यादा हो जाते हैं तब बैक्टीरियल वेजिनोसिस होता हैं। और जब ये होता है तब योनी से निकलने वाला तरल सफेद, पीला या भूरे रंग का होता हैं उसमे काफी गंध भी होती हैं। कुछ मामलो में ये खुद ही ठीक हो जाता हैं।

सफेद पानी ज्यादा आने पर क्या करे?

एक नियमित मात्रा में सफेद पानी आना नार्मल होता हैं पर जब ये ज्यादा हो जो असुविधाजनक और परेशानी का सबब बन जाता हैं। ऐसे में कुछ ऐसे टिप्स है जिन्हें अपनाकर आप इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

  • ऐसे समय में अच्छे नैपकिन (Sanitary Pads) जरुर लगाए ताकि वो नमी को पूरी तरह सौक ले।
  • योनी के आस पास किसी भी खुशबु वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल ना करे। क्योंकि उनसे और ज्यादा इन्फेक्शन फैलने की संभावना रहती हैं।
  • तनाव से बचने के लिए ज्यादा इस्तेमाल की गयी एंटीबायोटिक्स भी वाइट डिस्चार्ज होने की समस्या को जन्म देता हैं। इसलिए जितना हो सके इनसे बचे।
  • गर्भ निरोधक दवाओ का सेवन और असुरक्षित यौन संबध बनाने से भी बचे। क्योंकि ये सफेद पानी आने की प्रमुख कारणों में से हैं।
  • जितना हो सके योनी के इर्द गिर्द का हिस्सा सूखा और साफ़ रखे।

 

 

2 Comments

  1. Asmita

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