पेट में तेजाब और सीने में दर्द का इलाज के 7 घरेलू नुस्खे

हर किसी को कभी न कभी पेट में जलन और एसिडिटी की समस्या जरुरी होती हैं। समय पर ना खाना, मसालेदार तले हुए खाने ज्यादा लेना, धूमपान और तनाव में ज्यादा रहना कुछ ऐसे कारण हैं जिनसे खाने का हाजमा सही से नहीं हो पाता जिस पेट में तेजाब और छाती में जलन बनने लगती हैं। आम तौर पर जब एसिडिटी बनती हैं तो Rantac, Antacid, omeprazole जैसे Tablet और Capsule दवाइयों के रूप में लिए जाते हैं। जिनसे एक बार तो ये समस्या ख़त्म हो जाती हैं पर कुछ समय बाद ये फिर होने लगती हैं। आज हम नेचुरल घरेलू नुस्खो से पेट में एसिडिटी और जलन से छुटकारा पाना जानेंगे।

इंसान के गले में Esophagus नाम का एक अंग होता हैं जो पाइपनुमा आकार की होती हैं। जो भी हम खाते पीते हैं वो इसी से होकर पेट तक पहुचता हैं। Esophagus Reflax के जरिए ही खाना गले में नीचे की और सरकता हैं। जब Esophagus के नीचे का भाग कमज़ोर हो जाता हैं या फिर बिना खाने या पीने के पदार्थो की मौजूदगी में रिलैक्स हो जाता हैं ऐसे में पेट में जमा खाना वापिस Esophagus में जाने लगता हैं जिसके परिणामस्वरूप पेट में तेज़ाब बनता हैं और सीने में जलन महसूस होती हैं।

पेट में तेजाब सीने में दर्द का इलाज के घरेलू नुस्खे

पेट की एसिडिटी तेजाब और जलन का इलाज के नुस्खे

1. केला

केला खाना पेट और हाजमे के लिए काफी फायदेमंद होता हैं। केले में उच्च मात्रा में फाइबर होते हैं जो पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाते हैं। केले में पोटाशियम होता हैं जो पेट में बलगम का निर्माण करता हैं जो पेट में अधिक एसिड बनने से रोकता हैं। इसके साथ में पेट में तेजाब बनने से जो जलन और ऐंठन होती हैं उस प्रभाव को भी कम करता हैं। जब भी आपको पेट में एसिडिटी बने तो एक पका हुआ केला खाए।

2. ठंडा दूध

पेट में तेजाब और छाती में जलन के ट्रीटमेंट के लिए मेडिकल स्टोर पर जो दवाइया आप लेते हैं उनमे कैल्शियम होता हैं। कैल्शियम पेट में एक सही PH बनाए रखने में मदद करता हैं। दूध में कैल्शियम की काफी मात्रा होती हैं जो हड्डियों को तो मजबूत करती ही हैं उसके साथ में जिन लोगो को तेजाब खट्टी ढकार जैसे पाचन समस्या रहती हैं उनके लिए भी फायदेमंद होती हैं।

जब भी आपको लगे की पेट में तेजाब हैं तो उससे तुरंत छुटकारा पाने के लिए ठंडा दूध पी लेना चाहिए। जैसे ही आप दूध पिओगे उसमे मौजूद कैल्शियम पेट में जाकर अतिरिक्त एसिड को सौक लेगा जिससे आपको तभी आराम मिल जायगा।

3. बेकिंग सोडा

सीने में जलन और पेट में एसिडिटी के घरेलू उपचार में बेकिंग सोडा काफी असरदार होता हैं। एक गिलास पानी में एक चमच्च बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिलाकर पिए। अगर फिर से दिन में तेजाब की शिकायत हो तो यही नुस्खा फिर ले। पर ध्यान रहे दिन में 3-4 बार से जायदा इसका सेवन नुकसानदायक भी हो सकता हैं।

4. बादाम

पुराने समय से ही बादाम को पेट में अल्सर और जलन के लिए रामबाण घरेलू नुस्खा माना जाता था। बादाम में नेचुरल आयल होते हैं जो पेट में एसिड के प्रभाव को खत्म करते हैं। बादाम फाइबर से भी भरपूर होते हैं जो पाचन तन्त्र को मजबूती देते हैं और भोजन सही से हजम करने में मदद करते हैं। बादाम को आप कच्चे भी खा सकते हैं और पानी में भिगोकर भी। दोनों ही तरह बादाम का सेवन तेजाब को खत्म करने में मदद करता हैं। अगर एसिडिटी अधिक है तो बादाम केले के साथ खाए।

5. सौंफ

जिन पुरुषो या महिलाओ को पेट में तेजाब बनता रहता हैं उन्हें खाने के बाद कुछ सौंफ चबाकर खानी चाहिए। कुछ ही समय में उन्हें फायदा मिलना शुरू हो जायगा। सौंफ के सेवन से जठरांत्र संबंधी कई फायदे आपको मिलते हैं जिससे हाजमा बेहतर होता हैं। सौंफ के बीजो में तेल पाए जाते हैं जो पेट में गैस और बदहजमी के इलाज में भी मदद करती हैं।

6. गुड खाए

आपने अपने घर में अपने बड़ो को खाने के बाद गुड खाते जरुर देखा होगा। और अगर उनसे इसका कारण पूछा होगा तो उन्होंने बताया होगा की गुड खाने से हाजमा हो जाता हैं। ये बात बिलकुल सही हैं गुड में मैग्नीशियम होता हैं जो आंतो को मजबूत करता हैं। गुड स्वभाव में क्षारीय होता हैं जिससे पेट में एसिड को कम करने में मदद मिलती हैं। इसके साथ में इसके सेवन से पेट में ठंडक भी मिलती हैं। एसिडिटी और जलन से छुटकारा पाने के लिए खाने के बाद थोडा गुड का टुकड़ा खाए।

7. लौंग

पेट की जलन और एसिडिटी के आयुर्वेदिक इलाज के लिए लौंग एक असरदार घरेलू नुस्खा हैं। लौंग में कई ऐसे यौगिक होते हैं जो पाचन संबधित रोगों से छुटकारा पाने में मदद करते हैं। पेट में आई सुजन कम करने के साथ पेट की दीवारों में हुए नुकसान को ठीक करने में भी लौंग मदद करती हैं एसिडिटी के उपचार के लिए लौंग और इलायची बराबर मात्रा में पीस कर ले।

पेट की एसिडिटी और जलन से बचने के उपाय

  • एक बार में ज्यादा खाना ना खाए। ज्यादा खाने से मांसपेशियों पर दबाव बनता हैं जिससे पेट में एसिड बनने लगता है।
  • अगर आप शराब का सेवन और धुम्रपान करते हैं तो उसे बिलकुल बन कर दे।
  • जो लोग नियमित कॉफ़ी का सेवन करते हैं उनकी esophageal sphincter कमज़ोर हो जाता हैं जिस तेजाब बनने की संभावना बढ़ जाती हैं।
  • कई स्टडी से ये पता लगा हैं च्युइंग चब्बाने से एसिडिटी में आराम मिलता हैं। च्युइंग खाने से लार का निर्माण होता हैं जो एसिड को ख़त्म करने का काम करता हैं।
  • खाने के साथ कच्चे प्याज़ खाने से तेजाब बनने की प्रॉब्लम काफी लोगो को रहती हैं। इसलिए जिन लोगो को एसिडिटी की शिकायत रहती हैं उन्हें प्याज़ खाने से परहेज़ करना चाहिए।

Leave a Reply

error: Content is protected !!