पीरियड्स ना आने के 8 कारण : Late Period Problem in Hindi

पीरियड्स मिस या लेट होने के कारण इन हिंदी : पीरियड्स समय पर ना आने पर मन में सबसे पहला सवाल आता है कही मैं प्रेगनेंट तो नहीं हूँ? ऐसा इसलिए क्योंकि पीरियड मिस होना प्रेगनेंसी के मुख्य लक्षणों में से एक होता हैं। पर कई बार प्रेगनेंसी के अलावा भी कुछ ऐसे पीरियड ना आने के कारण हो सकते हैं जिनके बारे में हम आगे बात करेंगे। जो बच्चा पाने की चाहत रखते हैं और अगर उनके समय पर पीरियड ना आये तो वो जल्दी से प्रेगनेंसी टेस्ट करते है और अगर रिजल्ट नेगेटिव आये तो उनके लिए उलझन बन जाती हैं आज उसी उलझन को हम दूर करेंगे और बताएँगे कुछ ऐसे अन्य कारण जिनकी वजह से आपकी माहवारी लेट हो गयी हैं।

अगर आप प्रेगनेंसी के लिए कौशिश कर रहे है और आपके पीरियड्स मिस हुए है तो सबसे पहले तो आपको प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए। और अगर ऐसा नहीं है तो आम तौर पर 10 दिन तक माहवारी में देरी नॉर्मल मानी जाती हैं। पर अगर ये देरी अगले पीरियड्स तक हो जाए तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाकर जांच करवानी चाहिए।

पीरियड (माहवारी) न आने के कारण Periods Miss late in Hindi

पीरियड (माहवारी) न आने के कारण

Periods Miss ya Late hone ke karan

पीरियड समय पर ना आने की कई वजह हो सकती हैं , कुछ प्रमुख कारण निचे दिए गए हैं।

1. ज्यादा एक्सरसाइज करना

रोजाना एक्सरसाइज करना हमारे लिए कितना फायदेमंद होता है ये बताने की जरुरत नहीं हैं। पर जरुरत से ज्यादा एक्सरसाइज के आपकी बॉडी पर कुछ बुरे प्रभाव भी पड़ सकते हैं। वजन कम करने और अच्छी फिट बॉडी बनाने के लिए अगर आप कुछ ज्यादा ही जिम में पसीना बहा रहे है या ज्यादा शारीरिक काम कर रहे है तो मासिक चक्र पूरा करने के लिए पर्याप्त एस्ट्रोजन का निर्माण शरीर में नहीं हो पता। जिससे Periods miss ya late होने की प्रॉब्लम आती हैं।

2. वजन में अचानक तेज़ी से बदलाव

तेज़ी से वजन कम होना या अचानक वजन बढ़ने से भी आप कुछ महीनो तक के लिए mc miss कर सकते हैं। जब किसी के weight में अचानक से बदलाव होता हैं तो इसका प्रभाव उनके दिमाग में एक ग्रन्थि पर पड़ता है जो  बॉडी में कई गतिविधियों पर भी प्रभाव डालती हैं।  जिसमे मासिक चक्र भी एक होता हैं।

  • जब किसी का वजन खुराक में कमी के कारण होता हैं तो बॉडी उपयुक्त मात्रा में एस्ट्रोजेन का स्त्राव नहीं कर पाती जो गर्भाशय की परत बनाने के लिए जरुरी होता हैं। और इससे दिशा असर माहवारी पर पड़ता हैं।
  • किसी महिला जब ज्यादा weight gain यानी मोटी हो जाती हैं तो उसकी बॉडी में एस्ट्रोजेन अधिक बनने लगता है जिससे शुरुआत में तो हैवी पीरियड्स होते है पर कुछ समय बाद पीरियड मिस भी होने लगते हैं।

3. दवाओ का साइड इफ़ेक्ट

पीरियड्स ना आने का ये भी एक मुख्य कारणों में से एक होता हैं। जिसमे किसी और समस्याओ के लिए खायी गयी दवाओ के साइड इफ़ेक्ट के रूप में पीरियड्स आना बंद हो जाते हैं। ऐसे दवाओ में गर्भ निरोधक दवाए प्रमुख हैं। जो लोग अभी बच्चा नहीं चाहते वो ऐसे प्रेगनेंसी रोकने के लिए Birth Control pills लेते हैं। इसके अलावा कीमोथैरेपी में सेवन की गयी दवाइयों और कुछ एंटीबायोटिक्स से भी माहवारी प्रभावित हो सकती हैं।

4. तनाव (Stress)

हर इंसान की जिंदगी में सुख दुःख आते रहते हैं और ऐसे में हर किसी को कभी कभार तनाव जरुर होता हैं। पर आप शायद इस बात पर यकीन ना करे, ज्यादा टेंशन में रहना भी अनियमित माहवारी का कारण बन सकता हैं। तनाव की वजह ज्यादा कामकाज, फॅमिली प्रॉब्लम या कोई और छोटी बात हो, इससे आपके मस्तिष्क के उस हिस्से पर असर पद सकता है जो सही समय पर पीरियड्स के आने जाने को निर्धारित करते हैं। जिसके कारण आपके पीरियड लेट या मिस हो सकते हैं।

5. स्तनपान (Breastfeeding)

स्तनपान शादी के बाद पीरियड्स मिस होने का एक कारण हो सकता हैं। स्तनपान के लिए दूध बनाने के लिए प्रोलैक्टिन नाम का हार्मोन जिम्मेवार होता हैं। कुछ स्त्रियों को डिलीवरी के बाद स्तनपान के समय माहवारी में देरी की प्रॉब्लम आती हैं। अगर आपके पीरियड्स मिस होते है तो इसका ये मतलब नहीं की आप फिर से प्रेग्नेंट नहीं हो सकती। अगर बच्चे का दूध पिलाना छुटने के 3 महीने तक भी माहवारी नहीं आती तो तुरंत डॉक्टर से मिले।

6. समय से पहले रजोनिवृत्ति (Menopause)

जब पीरियड आना स्थायी रूप से बंद हो जाते हैं उसे रजोनिवृत्ति कहते हैं। महिलाओ में एक उम्र के बाद ये होता हैं 45 से 50 साल की स्त्रियों में रजोनिवृत्ति होना आम मन जाता हैं पर कुछ महिलाओ को रजोनिवृत्ति समय पहले हो जाता हैं जिससे मासिक चक्र होना बंद हो जाता हैं।

  • कुछ स्त्रियों को 40 साल से पहले ऐसा हो जाता हैं जिसे Premature Menopause कहते हैं। ये तब होता है जब एस्ट्रोजन स्तर अनियमित हो जाता हैं। जब किसी को 12 महीने तक पीरियड ना आये तो उसे रजोनिवृत्ति होना कहा जाता हैं।

7. थाइरोइड प्रॉब्लम

थाइरोइड एक ऐसे ग्रंथि है जो हमारी बॉडी में मेटाबोलिज्म को नियंत्रण में रखती हैं। जब थाइरोइड में कोई विकार आ जाए तो इससे महिलाओ की माहवारी पर भी असर पड़ता हैं।

  • Overactive Thyroid होने से पीरियड्स में देरी या मिस हो सकते हैं। तेज़ी से वजन कम होना, पसीना ज्यादा आना और दिल की धडकने तेज़ हो जाना इसके कुछ और लक्षण हैं।
  • Underactive Thyroid जब होता है तब भी माहवारी पर असर पड़ता हैं ऐसे हालात में माहवारी में देरी के साथ हैवी पीरियड्स होते हैं। जल्दी से वजन बढ़ जाना, बालो का झड़ना, थकान और ड्राई स्किन इसके कुछ लक्षणों में से हैं।

8. सोने के समय में बदलाव

अगर आप कोई ऐसे जॉब कर रहे हैं जिसमे काम करने की टाइमिंग बदलती रहती हैं। कभी नाईट शिफ्ट तो काफी डे शिफ्ट में काम करना पड़ता हैं तो काफी सम्भावना हैं आपके पीरियड्स समय से पहले या देरी से आ सकते हैं।

एक जानी पहचानी साइंस मैगज़ीन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे सोने के समय में चेंज होने पर महिलाओ की माहवारी आने के समय पर भी प्रभाव पड़ता हैं। हालाँकि इससे पूरी तरह पीरियड्स मिस होने की समस्या आम तौर पर नहीं देखि गयी हैं।

दोस्तों पीरियड्स ना होने कारण : Late or Miss Period Problem in Hindi? लेख से संबधित सवाल आप कमेंट्स में लिख सकते हैं। माहवारी लेट या मिस होने के कारणों में अगर आपके कुछ सुझाव है तो उनका भी स्वागत हैं।

12 Comments

  1. Shikha
  2. gulista
  3. Kishor
  4. Moon moon das
  5. N Bharti
  6. Akhtar
  7. Nnta
  8. girish
  9. RANJEET YADAV
  10. Ajay rathiya

Leave a Reply

error: Content is protected !!