एचआईवी एड्स (HIV Aids) के कारण इलाज और बचाव के उपाय

एचआईवी एक वायरस का नाम हैं जो मनुष्य के शरीर में प्रवेश करने के बाद रोग प्रतिरोधक अक्षमता को कमज़ोर बना देता हैं। जब कोई महिला या पुरुष एचआईवी संक्रमित हो जाता हैं तो उनका शरीर छोटे मोटे रोगों और इन्फेक्शन से भी बचाव नहीं कर पाता। एचआईवी संक्रमण जब अंतिम चरण (Final Stage) में पहुच जाता हैं उसे एड्स कहते हैं। एचआईवी वायरस खून, वीर्य और योनी स्त्राव से फैलता हैं। अगर कोई महिला HIV Infected हैं तो उसके बच्चे को जन्म के दौरान या स्तनपान के समय भी HIV हो सकता हैं। आज हम जानेंगे एचआईवी एड्स होने के कारण, ट्रीटमेंट और बचने के उपाय

HIV एक बार किसी को हो जाए तो उससे जड़ से पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता। हालाँकि मेडिकल साइंस में इसके इलाज के लिए कई तरह की रिसर्च चल रही हैं। पर इसका मतलब ये नहीं हैं की रोगी की कुछ ही समय में मौत हो जाती हैं। अगर सही तरह से एचआईवी के रोगी का इलाज किया जाए तो कई सालो तक आराम से जिया जा सकता हैं। एचआईवी को नियंत्रित करने के लिए कई प्रकार की दवाई और थेरेपी की जाती हैं जिनके बारे में आगे बात करेंगे।

एचआईवी एड्स (HIV Aids) के कारण इलाज और बचाव

एड्स कब होता हैं : What is Aids in Hindi

अब तक आपको समझ आ गयी होगी एचआईवी और एड्स अलग होते हैं। एचआईवी जब किसी को होता हैं तो ये वायरस CD4 कौशिकाओ को मारना शुरू कर देता हैं। एक स्वस्थ महिला या पुरुष में 500 से 1500 के बीच में CD4 कोशिकाए होती हैं। जैसे-जैसे hiv बढ़ता हैं इनकी संख्या कम होती जाती हैं। जब इनकी संख्या 200 से निचे पहुच जाती हैं उस अवस्था को aids कहते हैं। जो एचआईवी की फाइनल स्टेज के रूप में जानी जाती हैं।

एड्स उन्ही को होता हैं जो काफी समय से HIV Infected हो। पर ऐसा जरुरी नहीं हैं की जिनको एचआईवी हैं उनको एड्स भी होगा ही। HIV की जांच के बाद समय रहते ट्रीटमेंट चालु नहीं किया जाये तो 10 साल से अंदर ही वो एड्स की जानलेवा बीमारी का रूप ले लेती हैं। क्योंकि एड्स को पूरी तरह ख़त्म करने का इलाज अभी तक नहीं आया हैं तो ये देखा गया हैं एड्स होने पर 3 साल के अंदर रोगी की जान जा सकती हैं। हालाँकि कुछ एंटीरेट्रोवायरल दवाइयों के सेवन से एड्स को बढ़ने से रोका जा सकता हैं।

एचआईवी एड्स बीमारी कैसे शुरू हुई

एचआईवी वायरस अफ्रीका में पाए जाने वाले चिम्पांजी नाम के जानवर से इंसान में आया। मेडिकल साइंस के अनुसार hiv वायरस चिम्पांजी से इंसानों में उसके मांस के खाने से प्रवेश कर पाया। इसके बाद एक से दुसरे में ये वायरस फैलता गया और कई सालो तक अफ्रीका में ही लोगो में ये रोग फैलता रहा। इसके बाद दुनिया भर के दुसरे देशो में भी एचआईवी फैलता गया। इंसान के शरीर में खून में पहली बार 1959 में एचआईवी वायरस की जांच की गयी।

एचआईवी होता कैसे हैं : फैलने के कारण

जब कोई महिला या पुरुष एचआईवी संक्रमित हो जाता हैं तो उससे किसी दुसरे स्वस्थ व्यक्ति को भी hiv हो सकता हैं। निचे दिए कुछ ऐसे कारण हैं जिनसे ये रोग फैलता हैं।

  1. एचआईवी होने का सबसे बड़ा कारण संक्रमित आदमी या औरत से सम्बन्ध बनाना होता हैं। जब किसी HIV infected से बिना किसी सुरक्षा के शारीरिक सम्बन्ध बनाये जाते हैं तो hiv वायरस उसकी बॉडी में भी आ जाता हैं। ये सम्बन्ध महिला से पुरुष के या फिर 2 पुरुषो के बीच भी हो सकते हैं।
  2. इंजेक्शन या दवा में प्रयोग होने वाली सिरिंज या सुई जो पहले एचआईवी इन्फेक्टेड को लगायी गयी हो। उसी सुई से अगर नार्मल व्यक्ति को भी टीका लगाया जाए तो उसे भी hiv हो जाता हैं।
  3. किसी ऐसे का खून ले लेना जो पहले से एचआईवी संक्रमित हैं।
  4. बिना सही से साफ़ किये टैटू उपकरण से टैटू  बनवाना।
  5. प्रेगनेंसी के दौरान या प्रसव के समय या फिर बच्चा जन्म होने का बाद दूध पिलाने से बच्चे को भी hiv हो सकता हैं।

एचआईवी कैसे नहीं फैलता (भ्रम)

  • गले लगने, हाथ मिलाने या किस करना।
  • हवा या पानी के सम्पर्क में आने से नहीं फैलता।
  • HIV संक्रमित के साथ एक ही बाथरूम इस्तेमाल करने या उसके कपड़ो के पहनना।
  • मच्छर या किसी एनी जानवर का काटना।
  • थूक या छिकने से भी ये वायरस नहीं फैलता।

 

एचआईवी का इलाज : HIV Treatment in Hindi

एचआईवी टेस्ट से संक्रमण का पता लगते ही इसका इलाज शुरू कर दिया जाना चाहिए। एचआईवी  ट्रीटमेंट मुख्य रूप से एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी के जरिये किया जाता हैं जिसमे कई ऐसे दवाओ का सेवन किया जाता हैं जो इस वायरस को बढ़ने से रोकती हैं। इसके अलावा ये मेडिसिन CD4 कोशिकाए जिन्हें ये वायरस खत्म करते हैं उन कौशिकाओ का बचाव करने का काम करती हैं।

इस थेरेपी का मुख्य कार्य HIV से Aids बनने से रोकना हैं उसके साथ में दुसरो को फैलने से भी बचाव किया जाता हैं। जब ये इलाज चल रहा होता हैं तब वायरल लोड जांच में दिखाई नहीं देता। असल में एचआईवी इलाज के दौरान भी शरीर में रहता हैं। जैसे ही इन दवाओ का सेवन बंद किया जाता हैं फिर से ये वायरस CD4 cells को अटैक करना शुरू कर देते हैं।

HIV Aids से बचाव के उपाय और सावधानिया

  • किसी भी तरह के यौन संबध बनाते समय सुरक्षा (कंडोम) का इस्तेमाल जरुर करे।
  • अगर किसी भी तरह का संदेह हो तो HIV टेस्ट जरुर करा ले।
  • HIV जांच होने के बाद ही किसी का खून ले।
  • कम से कम लोगो के साथ सम्बन्ध बनाये।
  • एचआईवी एड्स से बचाव के लिए सिरिंज या सुई को किसी और के साथ शेयर ना करे।

Leave a Reply

error: Content is protected !!