गर्भ निरोधक गोली लेने के 7 साइड इफेक्ट्स (#4 नुकसान गंभीर हैं)

गर्भ निरोधक टेबलेट के साइड इफेक्ट्स : जो महिलाए प्रेग्नेंट होना नहीं चाहती वो किसी भी तरह से प्रेगनेंसी रोकना चाहती हैं। ऐसे में प्रेगनेंसी रोकने के लिए जो सबसे आम उपाय किया जाता हैं वो हैं गर्भ निरोधक गोली (contraceptive pills) का सेवन। भारत में I pill, Unwanted 72 और Preventol कुछ ऐसे पॉपुलर गर्भ निरोधक टेबलेट हैं जिनका सेवन इमरजेंसी में प्रेगनेंसी को टालने के लिए होता हैं। ये दवाइए हार्मोन्स पर आधारित होती हैं। ये टेबलेट असरदार होने के साथ फ़ास्ट रिजल्ट देती हैं। पर जैसे की हर मेडिसिन के कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते हैं ऐसे ही इन Birth Control Tablet खाने से भी कुछ नुकसान हो सकते हैं जिनके बारे में निचे जानेंगे।

ऐसे गर्भ निरोधक गोलियों को Emergency Contraceptive Pills के नाम से जाना जाता हैं। जिसका मतलब इनके नाम में छुपा हैं यानी जब आपसी संबंध बनाते समय किसी गलती या सही प्रोटेक्शन इस्तेमाल न करने से प्रेगनेंट होने की संभावना हो। उस समय आप और आपका पार्टनर प्रेगनेंसी नहीं चाहते ऐसे में इन गर्भ निरोधक दवाओ का सेवन किया जाता हैं। ये मेडिसिन एक फिक्स समय में ही अपना असर दिखाती हैं। जो आम तौर पर 72 घंटे का होता हैं। आपको ये दवा इसी समय अवधि के अंदर लेनी होगी तभी आपको परिणाम मिलेंगे।

गर्भनिरोधक दवाइयों का सेवन तभी करना चाहिए जब इसकी ज्यादा जरुरत हों। और जब भी इनका सेवन आकरे डॉक्टर की सलाह के बाद ही करे। इनसे होने वाले साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए इनका नियमित सेवन करने से बचे।

गर्भ निरोधक गोलियों के नुकसान (साइड इफ़ेक्ट)

गर्भ निरोधक गोलियों के नुकसान: Birth Control Pills Side Effects in Hindi

वजन बढ़ना, जी मिचलाना, स्तनों में दर्द और अनियमित पीरियड्स कुछ साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं उन महिलाओ में जिन्होंने ऐसे गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन किया। ज्यादातर मामलो में ये समस्या कुछ समय में खुद ही चली जाती हैं। पर कुछ ऐसे नुकसान भी है जो गंभीर हो सकते हैं।

1. जी मिचलाना (उल्टी का मन)

प्रेगनेंसी से बचने के लिए ली जाने वाली मेडिसिन से जी मिचलाना का साइड इफ़ेक्ट काफी देखा जाता हैं। जिसमेउल्टी होने का अभाव होता रहता हैं। ऐसे रहता है जैसे अभी उलटी आने को हैं। ची मिचलाने की प्रॉब्लम आम तौर पर 2-3 महीने तक चलती हैं। इससे बचने के लिए आप गर्भ निरोधक टेबलेट रात के खाने के बाद या सोने से पहले ले।

2. पेट में गैस और फुलाव

क्योंकि ये सभी birth control medicine हार्मोन्स पर आधारित होती हैं इसलिए इनके लेने से शरीर में हारमोंस में उतार चढाव आता हैं जिससे बॉडी में अतिरक्त पानी इकठ्ठा होना और पेट में गैस की समस्या आ सकती हैं। जिन महिलाओ को पहले से पेट में गैस, एसिडिटी, बदहजमी जैसे पाचन समस्या हैं उनको ये साइड इफ़ेक्ट ज्यादा होता हैं।

 

3. सिर दर्द

गर्भ निरोधक गोली के सेवन के बाद कुछ महिलाओ को सिर दर्द हो सकता हैं। जिनको पहले से माइग्रेन होता हैं उनके स्थिति और ख़राब हो सकती हैं। हालाँकि तनाव और नींद पूरी आना होना सर दर्द होने के मुख्य कारण होते हैं। एक स्टडी से पता चला हैं ऐसे दवाइया खाने से एस्ट्रोजन हार्मोन्स लेवल में गिरावट आती हैं। ऐसा दर्द पीरियड्स शुरू आने से पहले और उनके बाद में ज्यादा देखा गया हैं।

 

4. ब्लड क्लोट्स (खून के धब्बे)

रक्त के धब्बे होना इन दवाइयों का एक एक गंभीर दुष्परिणाम होता हैं। इसलिए इसे नजरंदाज़ बिलकुल नहीं करना चाहिए। कुछ स्त्रियों और लडकियों ने  ऐसे गर्भनिरोधक टेबलेट लेने के बाद Blood Clots के साइड इफ़ेक्ट को भी देखा हैं। हालाँकि ये समस्या बहुत कम औरतो को ही आती हैं। जिन महिलाओ का वजन ज्यादा हैं और जो धुम्रपान करती हैं और जिनकी उनकी आयु 35 साल से ज्यादा हैं उनको ऐसा होने की संभावना ज्यादा रहती हैं। ब्लड क्लोट्स के इन 2 लक्षणों से आप इनके होने का पता लगा सकते हैं :

  1. सांस लेने में परेशानी या छाती में दर्द, दिल और फेफड़ो में ब्लड क्लोटिंग का लक्षण हो सकता हैं।
  2. टांग में दर्द, सूजन और गर्मी का अहसास होना, Blood Clots के संकेत के रूप में सामने आ सकता हैं।

 

5. चेहरे पर पिम्पल / मुहांसे

प्रेगनेंसी रोकने की लगभग सभी मेडिसिन कई तरह की हारमोंस के मेल से बनी होती हैं। जिससे चेहरे पर फुंसिया या पिम्पल हो सकते हैं। हालाँकि कुछ दवाईया एंड्रोजन लेवल को कम करने का काम करती हैं। जिससे असल में मुहांसे होने की संभावना और कम होती हैं। पर उसके साथ कुछ गर्भ निरोधक दवाए में प्रोजेस्टिन पाया जाता हैं। जो एंड्रोजन पर ही आधारित होता हैं। जिससे कई बार त्वचा पर मुहांसे निकल आते हैं।

 

6. खमीर संक्रमण

जो महिलाए ज्यादा इन गर्भ निरोधक टेबलेट लेती हैं उनमे खमीर संक्रमण यानि यीस्ट इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता हैं। जिन महिलाओ को शुगर की बीमारी, कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता और शराब की आदि हैं उनको ऐसे दवाइयों के सेवन के बाद यीस्ट इन्फेक्शन होने की संभावना में और बढ़ावा होता हैं।

अगर आपको पता नहीं तो हो यीस्ट इन्फेक्शन होने पर योनी के आस पास खुजली होती हैं। हल्का फुल्का इन्फेक्शन होने पर आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटीफंगल क्रीम लगाकर इसका इलाज कर सकते हैं। अगर ये ज्यादा हैं तो आपको तुरंत हॉस्पिटल जाने की जरुरत हैं।

 

7. ब्रेस्ट में सूजन और दर्द

गर्भवती होने से बचने के लिए खाने की दवाइयों लेने से स्तनों पर भी प्रभाव पड़ सकता हैं। ऐसे टेबलेट्स में एस्ट्रोजन काफी मात्रा में होता हैं जिससे सूजन आना स्वाभाविक होता हैं। जिससे कुछ महिलाओ की ब्रैस्ट में सूजन आ जाती हैं जिससे ब्रैस्ट दिखने में बड़े दिखाई देते हैं। कुछ मामलो में स्तनों में दर्द भी साइड इफ़ेक्ट के रूप में दिखाई दे सकता हैं। एक हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार ये साइड इफ़ेक्ट 18 महीने तक चल सकता हैं।

Leave a Reply

error: Content is protected !!