ब्रेस्ट (स्तनों) में दर्द के 6 कारण और आसान घरेलू इलाज

ब्रेस्ट यानी स्तनों में दर्द, जलन, सूजन, भारीपन, अकडन जैसे समस्याए हर महिलाओ को कभी न कभी होती ही हैं। ज्यादातर मामलो में ब्रेस्ट में दर्द होने का कोई गंभीर कारण नहीं होता और वो बिना किसी इलाज के खुद ही ठीक हो जाता हैं। स्तनों में दर्द को मेडिकल भाषा में mastalgia कहते हैं। ब्रेस्ट में सुजन और दर्द प्रेगनेंसी के शुरूआती लक्षणों के रूप में भी नज़र आ सकता हैं। और कई बार लम्बे समय तक लगातार एक या दोनी स्तन में दर्द रहने से ब्रेस्ट कैंसर जैसे खतरनाक बीमारी भी हो सकती हैं। इसलिए Breast Pain को नजरंदाज़ नहीं करना चाहिए और इसके कारणों को पहचान कर ब्रेस्ट में दर्द का सही इलाज किया जाना चाहिए।

स्तनों में दर्द की जगह अलग अलग हो सकती हैं। किसी एक स्तन में दर्द हो सकता हैं या फिर दोनों ब्रेस्ट में भी दर्द हो सकता हैं। कई बार दर्द स्तनों के बगल वाले हिस्से में भी दर्द महसूस हो सकता हैं। आम तौर पर हारमोंस में बदलाव की वजह से ऐसा दर्द हो जाता हैं। ऐसा हार्मोन बदलाव रजोनिवृत्ति,पीरियड्स, प्रेगनेंसी, स्तनपान की वजह से हो सकता हैं। आज के इस लेख में हम ऐसे आम ब्रेस्ट में दर्द होने के कारणों के बारे में बात करेंगे।

ब्रेस्ट (स्तनों) में दर्द के कारण  इलाज

ब्रेस्ट में दर्द होने के कारण : Breast Pain Causes in Hindi

1. प्रेगनेंसी

महिला जब प्रेग्नेंट होती हैं तो उन शुरूआती दिनों में ब्रैस्ट में दर्द होना एक आम प्रेगनेंसी का लक्षण होता हैं। ऐसा गर्भवती महिला में होने वाले हारमोंस परिवर्तन के कारण होता हैं। प्रेगनेंसी में महिलाओ के स्तन गर्भ में भूर्ण से भी ज्यादा तेज़ी से बढ़ते हैं। इस दौरान एस्ट्रोजन हारमोंस बढ़ने लगते हैं जिससे दूध नलिकाओं का आकार भी बढ़ने लगता हैं जिससे स्तन में कठोरता और दर्द होने लगता हैं। तो अगर आप गर्भवती हैं तो ऐसा होना बिलकुल नार्मल हैं।

2. ब्रा साइज़

महिलाओ की एक मशहूर मैगज़ीन ने 1000 महिलाओ पर एक सर्वे किया जिसमे निकलकर आया की 60% से ज्यादा महिलाए गलत साइज़ की ब्रा पहनती हैं। गलत साइज़ की ब्रा या अंडरवियर पहनने से आपके स्तनों पर एक घर्षण और दबाव बनता हैं जिससे ब्रेस्ट में दर्द रहने लगता हैं। ज्यादा टाइट ब्रा से स्तन पर एक प्रेशर रहता हैं और खुली ब्रा पहनने से स्तनों को उचित सपोर्ट नहीं मिल पाती जिससे भी असुविधा महसूस होती रहती हैं। इसलिए जिन स्त्रियों को ब्रैस्ट पेन की शिकायत रहती हैं उन्हें अपने ब्रा का साइज़ चेक करना चाहिए और सही साइज़ के अंडरवियर ही पहनने चाहिए।

3. ब्रेस्ट में इन्फेक्शन

दूध नालिकाओ में रुकावट, अंतर्वर्धित बाल और  बैक्टीरिया के कारण ब्रेस्ट में इन्फेक्शन हो जाता हैं। ऐसे इन्फेक्शन के लक्षण दर्द, लालिमा और सुजन के रूप में नज़र आते हैं। इसके अलावा संक्रमण बढ़ जाने पर निप्पल से पस और खून तक निकलने लग सकता हैं। इसके साथ में बुखार भी चढ़ सकता हैं। अगर आपको भी ब्रेस्ट में इन्फेक्शन के साथ में ये लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आपको बिना देरी किये तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए और अपनी जांच करानी चाहिए। जांच के बाद ही पता चलेगा इन्फेक्शन वायरल हैं या बैक्टीरियल।

4. गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन

कोई भी ऐसे दवाई जिसके सेवन से हारमोंस में बदलाव आ सकता हैं ऐसे दवाइया लेने से भी ब्रेस्ट में पेन हो सकता हैं। ऐसे हारमोंस में बदलाव करने वाली मेडिसिन में गर्भ निरोधक गोलियों का नाम सबसे उपर आता हैं। इन दवाइयों के सेवन से शरीर में एस्ट्रोजन लेवल बढ़ता हैं जिससे ये समस्या आती हैं। इसके अलावा प्रजनन के लिए किये ट्रीटमेंट, थाइरोइड दवाइयों और हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी से भी स्तनों में दर्द हो सकता हैं। हालाँकि कुछ समय बाद इन मेडिसिन का ये साइड इफ़ेक्ट खुद चला जाता हैं। अगर ये खुद से ठीक ना हो तो आपको डॉक्टर से जरुर मिल लेना चाहिए, जिससे वो इन दवाइयों की जगह दूसरे विकल्प बता सके।

5. ब्रेस्ट कैंसर

ब्रेस्ट में सूजन, दर्द और गाँठ होने पर कैंसर होने का ख्याल किसी को भी डरा सकता हैं। लम्बे समय तक स्तनों में दर्द रहना कैंसर का लक्षण भी हो सकता हैं। हालाँकि इसकी संभावना काफी कम होती हैं फिर भी इसे पूरी तरह से नाकारा नहीं जा सकता हैं। इसके अलावा निप्पल के आकार में बदलाव और स्त्राव के अलावा ज्यादातर मामलो में इसके लक्षण कम ही नज़र आते हैं। अगर आपके ब्रेस्ट में दर्द काफी समय से रहता हैं जो ठीक नहीं हो रहा हैं तो आपको दुसरे ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण भी जान लेने चाहिए। अगर आपको इसके बाद थोडा भी संदेह होता हैं तो तुरंत हॉस्पिटल जाकर कैंसर टेस्ट कराए।

6. स्तनपान

अगर आप हाल ही में बच्चे की माँ बनी हैं और रेगुलर स्तनपान करती हैं तो आपको ब्रेस्ट में दर्द होना आम हैं। प्रेगनेंसी में स्तन का साइज़ बढ़ता रहता हैं जिससे दर्द होने लगता हैं और जब बच्चा दूध पीना शुरू कर देता हैं तो वो दर्द और बढ़ जाता हैं।

 

ब्रेस्ट (स्तनों) में दर्द का इलाज के घरेलू उपाय

  • ब्रेस्ट में दर्द से राहत पाने के लिए बर्फ की सिकाई काफी असरदार होती हैं। बर्फ के टुकडो को एक कपडे में लपेट कर अपने स्तनों की सिकाई करे।
  • स्तनपान के बाद थोडा दूध अपने निप्पल पर लगा ले। माँ का दूध एंटीसेप्टिक होता हैं और त्वचा में नमी प्रदान करता हैं।
  • हलके हाथो से गोलाई दिशा में अपने स्तनों की मसाज़ करने से दर्द में आराम मिल जाता हैं।
  • जिन महिलाओ को ब्रेस्ट में दर्द की प्रॉब्लम रहती हैं वो धुम्रपान से दूर रहे। सिगरेट में निकोटिन होता हैं जो रक्त वाहिकाओ में एक संतुचन पैदा करता हैं जो सुजन होने का कारण हो सकता हैं।
  • ब्रेस्ट में दर्द होने का एक कारण ब्रा ना पहनना या सही साइज़ की ब्रा न पहनना होता हैं। दिन के समय एक सही फिटिंग की ब्रा पहने रखे। ब्रा पहनने से स्तनों को एक जरुरी सपोर्ट मिली रहती हैं।

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