बुखार का उपचार के घरेलू नुस्खे – Viral fever Treatment in Hindi

वायरल बुखार का इलाज हिंदी में: बुखार का उपचार करने से पहले जरुरी है ये जानना आपको कौन सा बुखार हुआ है. बुखार (fever) कई प्रकार के होते है जिनमे टाइफाइड, मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू  प्रमुख है. पर जो फीवर सबसे आम है वो है वायरल बुखार, जो वायरस के इन्फेक्शन के वजह से होता है. मौसम बदलने के समय इसके होने की आशंका ज्यादा रहती है वायरल फीवर में शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है इसके अलावा सिर में दर्द, चक्कर आना और त्वचा पर निशान जैसे लक्षण नज़र आते है. बच्चो और बूढों को ये बुखार होने की सम्भावना ज्यादा होती है वो इसलिए क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक अक्षमता कम होती है जिससे वो वायरल संक्रमण के चपेट में आसानी से आ जाते है. ऐसे तो वायरल बुखार के इलाज के लिए बहुत सी अंग्रेजी दवा (टेबलेट/गोली) उपलब्ध है ऐसे दवाओ से बुखार तो उतर जाता है पर इन दवाओ के हमारी बॉडी पर साइड इफेक्ट्स भी होते है. आज हम इस पोस्ट में वायरल बुखार का उपचार के नुस्खे, आयुर्वेदिक मेडिसिन, खानपान और उपाय बताएँगे.

बुखार का उपचार के घरेलू नुस्खे - Viral fever Treatment in Hindi

 

वायरल बुखार होने के कारण: Viral Fever Cause

वायरल फीवर जैसा की नाम से ही पता चलता है ये बुखार वायरस के फैलने से होता है. जब किसी वायरल इन्फेक्टेड के सम्पर्क में हम आते है  ऐसा शख्स खांसी, छींक या जमाही या यह तक की साँस लेता या बोलता है तब उनके मुह से बैक्टीरिया और वायरस निकलते है और अगर हम उसके पास में है तो वो आपके शारीर में सांसो के द्वारा प्रवेश कर जाते है. और एक बार ये वायरस हमारी बॉडी में आ गए तो उसके 16 से 18 घंटे बाद ये एक इन्फेक्शन का रूप ले लेता है. जो बुखार चढ़ने के रूप में सामने आता है

 

वायरल फीवर होने के लक्षण: Viral Fever Symptoms in Hindi

  • बार बार बुखार आना
  • चक्कर आना और कमजोरी महसूस होना
  • तेज़ सिर दर्द होना
  • शरीर का तापमान (Body Temperature) बढ़ जाना
  • उल्टिया लगना
  • आँखों में जलन होना
  • त्वचा पर चकत्ते (skin rashes)
  • ठण्ड लगना (सर्दी महसूस होना)
  • बच्चे को उल्टी दस्त होना

 

वायरल बुखार का इलाज के घरेलू उपाय व नुस्खे हिंदी में

Viral Fever Treatment Home Remedies in Hindi

अगर बुखार ज्यादा तेज़ है तो रोगी के माथे पर ठन्डे पानी की पट्टी रखे. ऐसा शरीर का तापमान कम करने के लिए करना है. उसके बाद ही वायरल बुखार का उपचार के घरेलू नुस्खे और दूसरे उपाय करे

 

1. तुलसी से बुखार का उपचार

बुखार के उपचार के लिए तुलसी एक असरदार होम रेमेडी है बेक्टेरिया और वायरस के कारण ही बुखार चढ़ता है और तुलसी में एंटीबायोटिक और एंटीबैक्टीरियल गुण होते है  जो बुखार उतारने में मददगार है इसके अलावा तुलसी हमारी रोग प्रतिरोधक अक्षमता भी बढाता है.

एक लीटर पानी में 20 साफ़ और ताज़ा तुलसी की पत्तिया डालकर उबाले. उबलते समय इसमें आधा चमच्च लौंग पाउडर की भी डाले और अब इसे तब तक उबालते रहे जब तक पानी आधा न रह जाए. ठंडा होने के बाद हर 3-4 घंटे में इसका सेवन करे.

 

2. धनिये की चाय

धनिये में कई तरह के ऐसे लाभकारी विटामिन्स होते है जो हमारी इम्युनिटी शक्ति बढ़ाते है जिससे वायरस के खिलाफ लड़ने और बैक्टीरिया ख़त्म करने में मदद मिलती है.

धनिये की चाय बनाने के लिए एक गिलास पानी में एक चमच्च धनिया बीज डाले. और उबाले इसमें थोड़ा दूध और चीनी भी मिला ले. जब भी लगे की आपको बुखार है इस चाय को पिए.

 

3. सूखा अदरक और शहद

बुखार से पीड़ित मरीज के लिए अदरक काफी फायदेमंद है.  अदरक में ऐसे बहुत से गुण पाए जाते है जो वायरल फीवर ट्रीटमेंट में प्रभावी है

इस घरेलू नुस्खे के लिए अदरक के 3 -4  छोटे टुकड़े एक कप पानी में डालकर आधा रहने तक उबाले और चमच्च शहद के मिलाये. दिन में 3  बार ये घरेलू उपाय करे.

 

4. लहसुन और जैतून तेल

बुखार का घरेलू इलाज  के लिए लहसुन और जैतून तेल बेहतरीन उपाय है. 2 चमच्च जैतून के तेल में २ चमच्च पिसा हुआ लहसुन अच्छी तरह मिलाये.  को हल्का गर्म करके रोगी की पैरो के तलवो पर लगाए. ये घरेलु उपाय रात को सोते समय करे.

 

5. मेथी का पानी

हमारे सभी के घर में मेथी आसानी से मिल जाती है मेथी में बहुत से औषधीय आयुर्वेदिक विशेषता है जो वायरस इन्फेक्शन से लड़ने में मददगार है. रात को एक कप पानी में एक चमच्च मेथी के बीज भिगो कर रख दो. सुबह इसे घूट घुट करके पिए.

 

वायरल बुखार का आयुर्वेदिक उपचार के नुस्खे और दवा (Medicine)


आयुर्वेद में वायरल फीवर या किसी भी आम बुखार का उपचार के लिए दालचीनी एक असरदार आयुर्वेदिक नुस्खा है. बुखार में ठण्ड और खराश में भी दालचीनी फायदेमंद है. एक चमच्च शहद और आधा चमच्च दालचीनी सही से मिलकर दिन में 2-3  बार सेवन करे. जल्द ही रोगी को आराम महसूस होने लगेगा.

बुखार का इलाज के लिए बाबा रामदेव पतंजलि की Divya Jwarnashak Kwath नाम की दवा का सेवन करे. ये मेडिसिन लेने से पहले किसी वैध या डॉक्टर से सलाह जरुर ले.

 

बुखार में खानपान: क्या खाये और क्या नहीं खाये (परहेज़)

  • बुखार में पानी हमेशा उबाल कर ठंडा करके पिए. मरीज को पानी ज्यादा से ज्यादा पिलाये
  • फलो का रास जरूर पिए. फ्रूट्स में विटामिन  c  होता है जो बुखार के वायरस से लड़ने में मदद करता है.
  • कच्चे खानों की जगह पकाये हुए खाने चाहिए.
  • ऐसे चीजो से परहेज करे जिसमे मीठा होता है. जूस में भी कोई अलग से मीठा न डाले.
  • मांस मछली का सेवन न करे. इनकी जगह हरी सब्जिया खाये।
  • वायरल फीवर में आराम बहुत जरुरी है. इसलिए ज्यादा काम न करे और आराम करे.
  • मरीज के आस पास पूरी सफाई रखे.
  • चाय, कॉफी, सोडा और सॉफ्ट ड्रिंक्स बिलकुल बंद कर दे.
  • तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट शराब जैसे नशीली चीजो का सेवन बंद कर दे.

देखे: पीलिया का देसी इलाज और खानपान परहेज

 

ऊपर बताये गए वायरल फीवर का उपचार के घरेलु उपाय और नुस्खे  करने के बाद भी बुखार नहीं उतर रहा तो जल्दी डॉक्टर के पास जाए. इसके अलावा बुखार का इलाज  से संबधित अगर आपके कोई सवाल या सुझाव है तो निचे कमेंट करे.

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