टाइफाइड बुखार का देसी इलाज के 10 घरेलू नुस्खे व उपाय

टाइफाइड बुखार हमारे खून और आंतो में हुए इन्फेक्शन होने से होता है.  Salmonella typhi नाम के बैक्टीरिया के हमारे शरीर में आने से ये इन्फेक्शन होता है जो बाद में इस बुखार का रूप ले लेता है. ये एक जानलेवा बीमारी है अगर समय रहते इस बुखार का उपचार न किया जाए तो मरीज़ की मौत भी हो सकती है. बाहर की दूषित खाने और पीने के पदार्थ के जरिये बैक्टीरिया हमारी बॉडी में प्रवेश करता है जो बड़ी तेज़ी से बढ़ते और फैलते है और हमारे आंतो से होंते हुए खून में शामिल हो जाते है. खून के जरिये ये खतरनाक बैक्टीरिया लीवर, गाल ब्लैडर और दुसरे अंगो में भी पहुच जाते है. टाइफाइड को हमारी देसी भाषा में मोतीझारा या मियादी बुखार भी कहा जाता है. आज हम जानेगे टाइफाइड का आयुर्वेदिक देसी इलाज के घरेलू नुस्खे और उपाय.

 

शुरूआती लक्षणों में रोगी को बुखार, सिर में तेज़ दर्द, कमजोरी और कई बार पेट में दर्द हो सकता है. इसमें अगर हम शुरूआती बुखार में पेनकिलर या कोई दूसरी दवा लेते है उससे एक बार तो बुखार उतर जाता है लेकिन फिर कुछ समय बाद फिर बुखार चढ़ जाता है.  डॉक्टर इसके ट्रीटमेंट के लिए एंटीबायोटिक दवा देते है जो इसके बैक्टीरिया को मार कर इसके जड़ से खत्म करता है. वो बैक्टीरिया दौबारा न बनने पाए उसके लिए टाइफाइड का इलाज पूरा करना जरुरी है. अविकसित और विकासशील देशो में ज्यादा इस बुखार से पीड़ित लोग ज्यादा होते है विकसित देशो के मुकाबले. इसका प्रमुख कारण है वहा पर साफ़ सफाई अच्छे तरह से ना होना.

टाइफाइड बुखार का देसी इलाज के घरेलू नुस्खे व उपाय

 

टाइफाइड के लक्षण: Typhoid fever ke lakshan in hindi

  • बहुत तेज़ बुखार चढ़ना (104 डिग्री तक हो जाना)
  • सिर में दर्द होना
  • पूरे बदन में दर्द होना
  • त्वचा पर निशान पड़ जाना

ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई आपको दिखाई दे या बुखार हो तो दवाई लेने से पहले ब्लड टेस्ट करवाए. उसके बाद ही  टाइफाइड बुखार का उपचार के उपाय करे.

 

टाइफाइड का आयुर्वेदिक देसी इलाज के घरेलू नुस्खे

Typhoid Fever ka Gharelu Desi ilaj in Hindi

1. तुलसी

टाइफाइड के आयुर्वेदिक उपचार के लिए तुलसी एक कारगर घरेलू उपाय है. तुलसी में काफी एंटीबायोटिक विशेषता है जो बैक्टीरिया को ख़त्म करते टाइफाइड से छुटकारा दिलाता है. तुलसी  हमारी रोग प्रतिरोधक अक्षमता हो भी बढाता है.

तुलसी की 25 पत्तिया और एक चमच्च अदरक पेस्ट को एक कप साफ़ पानी में डालकर उबाले. इसे तब तक उबाले जब तक ये आधा न रह जाए. अब इसमें थोड शहद मिलकर दिन में 2-3 बार इसका सेवन करे.

 

2. सेब का रस और अदरक

इसमें मरीज़ को सबसे बड़ी समस्या जो आती है वो है पानी की कमी हो जाना. इससे बचने के लिए सेब का रस काफी प्रभावी है उसके साथ ही इसमें प्राकर्तिक खनिज और एलेक्ट्रोल्य्तेस भी पाए जाते है. ये घरेलू उपाय लीवर से संबधित दूसरी समस्या भी दूर करता है और शरीर से हानिकारक विषेले पदार्थ बाहर निकलता है.

एक गिलास सेब के जूस में थोडा अदरक का रस अच्छे तरह मिलाये. और बिना समय गवाए इसे पी ले, दिन में एक जूस जरुर पिए.

 

3. लौंग (Cloves for Typhoid treatment in Hindi)

टाइफाइड के ट्रीटमेंट के लिए लौंग एक प्रभावी घरेलु नुस्खा है लौंग उलटी और दस्त  में भी राहत पहुचने का काम करता है. लौंग में पाए जाने वाला तेल में जिवानुरोधी गुण होता है जो भी मोतीझरा का इलाज में मदद करता है.

6-7 लौंग की कली ले और उन्हें 3-4 गिलास पानी में डालकर उबाले.  इस मिश्रण को तब तक आग पर रखे जब तक आधा न हो जाए, फिर इसे ढक कर ठंडा होने के लिए रख दे. दिन में 2-3 बार एक हफ्ते तक सेवन करे.

 

4. गाजर

वैसे तो गाजर एक आम हरी सब्जी है पर ये बहुत से फायदेमंद गुणों से भरपूर होती है. गाजर एंटीऑक्सीडेंट होती है जो मियादी बुखार के घरेलू उपचार में मददगार है. आपके इम्यून सिस्टम को भी और ताक़तवर बनाता है. इस फीवर में दस्त लगना एक आम लक्षण है दस्त को ठीक करने में भी गाजर सहायक है.

एक मध्यम आकार की गाजर क छोटे टुकडो में काट कर एक गिलास पानी में डाले और इसे 8-10 मिनट तक उबाले. स्वाद के लिए थोडा कला नमक मिला ले. टाइफाइड में जब भी दस्त लगे या पानी की कमी महसूस हो तो ये सूप पिए.

 

5. लहसुन (lahsun se tified fever ka ilaj)

लहसुन रोगाणुरोधी होता है जिससे वो इसके बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है और टाइफाइड में कमजोरी भी दूर करता है.

ये घरेलू इलाज बड़ा ही आसान है. खाली पेट सुबह 2 लहसुन एक सप्ताह तक खाए. इससे आपको टाइफाइड के शुरूआती लक्षणों में ही इस बुखार से निजात मिल जायगी.

Typhoid Bukhar ka ilaj ke Desi Nukhse aur Gharelu Upay

टाइफाइड में खानपान क्या खाए – Typhoid me parhez kya na khaye

  • कुछ दिन के लिए मीट और मीठे पदार्थ से परहेज़ करे.
  • संतरे का जूस पिए ये आपको हाइड्रेटेड रखेगा.
  • मिनरल वाटर या पानी उबाल कर ही पिए.
  • बाज़ार में खुले में बिकने वाले कच्चे फल न खाए. घर में पकाया खाना ही टाइफाइड में खाए.
  • खाना पकाने और खाने से पहले हाथ अच्छी तरह धो ले.
  • अगर टाइफाइड में दस्त लगे हुए है तो दूध और दूध से बनी चीजो से परहेज़ रखे.
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिए
  • हरी सब्जिया और सूप अपने खानपान में शामिल करे.

जाने: चिकनगुनिया का घरेलू उपचार के नुस्खे  हिंदी में

 

टाइफाइड घरेलू उपचार के उपाय: Typhoid ka upchar ke Gharelu Upay

1. अगर बुखार ज्यादा हो एक तौलिये को ठन्डे पानी में भिगो कर माथे पर रख दे, इससे बुखार तो कम होगा ही उसके साथ दिमाग में चढ़ने से रोकेगा.

2. मियादी बुखार से बचाव के लिए पहले ही टाइफाइड का टीका लगवा ले.

3. मोतीझारा होने पर शरीर में बहुत कमजोरी आ जाती है इसलिए रोगी को पूरा आराम देना जरुरी है.

4. टाइफाइड का होम्योपैथिक उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा ना ले.

5. टाइफाइड के बाबा रामदेव इलाज  के लिए पतंजलि की गिलोय सत्व और प्रवाल पिष्टी दवा को आयुर्वेदिक उपचार के लिए ले.

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