थायराइड के 7 शुरूआती लक्षण : Thyroid Symptoms in Hindi

थायराइड के लक्षण इन हिंदी : थायराइड दिखने में चाहे तितली के आकार का छोटा अंग हो पर इसके हमारे शरीर में काम काफी महत्वपूर्ण होते हैं। ये ग्लैंड हमारी गर्दन में होती है और ये शरीर में पायी जाने वाली सबसे बड़ी ग्लैंड हैं जो 2 तरह के हारमोंस छोडती हैं जिनके नाम है T3 और T4 . ये हारमोंस बॉडी में एनर्जी जलाने की गति को निर्धारित करने के साथ स्ट्रेस हारमोंस के काम काज में भी भूमिका निभाते हैं। पुरुषो के मुकाबले महिलाओ को थायराइड की बीमारी अधिक होती हैं। महिलाओ में ये समस्या पुरुषो की तुलना में 8 गुना ज्यादा होती हैं। उम्र बढ़ने के साथ इसके होने की सम्भावना बढती जाती हैं। जब थायराइड सही से काम ना कर रही हो तो तब हम मुश्किल ही इसे नोटिस करते हैं पर जब इसमें कोई समस्या हो तो थाइरोइड के लक्षणों को आसानी से पहचाना जा सकता हैं। इस लेख में हम जानेंगे थायराइड होने के लक्षण : Thyroid ke lakshan (Symptoms) in Hindi.

थायराइड ग्लैंड के ठीक ढंग से काम ना करने के कई कारण हो सकते हैं पर जो सबसे 2 आम समस्या आती हैं उसे हाइपरथाइरॉयडिज़्म  और हाइपोथायरायडिज्म कहते हैं। हाइपरथाइरॉयडिज़्म उस अवस्था को कहते हैं जब हमारा शरीर जरुरत से ज्यादा थायराइड हारमोंस बनाने लग जाए। हाइपोथायरायडिज्म में इसका उल्टा होता हैं हारमोंस काफी कम मात्रा में बनते हैं। दोनों  हालत में हारमोंस का संतुलन बिगड़ जाता हैं जिससे शरीर में कुछ समस्या आने लग जाती हैं जो लक्षणों के रूप में सामने आती है।

थायराइड के लक्षण : Thyroid ke lakshan symptoms in Hindi

Thyroid symptoms in Hindi

थायराइड के लक्षण : Thyroid ke lakshan in Hindi

1. वजन में बदलाव

थायराइड बीमारी क्योंकि 2 प्रकार की होती हैं तो इसक वजन पर भी प्रभाव 2 तरह से होता हैं। जब ये अंग अतिसक्रिय हो जाता हैं यानी हाइपरथाइरॉयडिज़्म हो जाता हैं तब वजन तेज़ी से कम होने लगता हैं। क्योंकि इसमें हारमोंस ज्यादा बनने से मेटाबोलिज्म भी बढ़ जाता हैं जिससे वेट लोस की समस्या आती हैं। फिर चाहे आपको भूख सही लग रही हो और खाना भी आप नार्मल खा रहे हो।

दूसरी तरफ जब हाइपोथायरायडिज्म होता है तो मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता हैं  जिसका परिणाम तेज़ी से वजन बढ़ने के रूप में सामने आता हैं। पर इसमें एक बात महत्वपूर्ण है जो आपको जाननी चाहिए इसमें वजन उतना तेज़ी से भी नहीं बढ़ता।

2. थकान रहना

थकान ज्यादा रहना थायराइड का एक आम लक्षण होता हैं। थायराइड हारमोंस शरीर में एनर्जी लेवल को नियंत्रित करता हैं। यह तक की जब आप सो रहे हो उस समय भी जरुरी एनर्जी लेवल बनाये रखता हैं। थायराइड हारमोंस को दिमाग से निर्देश मिलते रहते हैं बॉडी को किस समय कितनी एनर्जी चाहिए। जब इन हारमोंस की कमी होती है तो थायराइड ठीक तरह से काम नहीं कर पाती जिससे थकन ज्यादा रहती हैं। ये देखा गया है जिन लोगो को हाइपोथायरायडिज्म की प्रॉब्लम होती हैं उन्हें नींद ज्यादा आती हैं।

3. ज्यादा गर्मी या सर्दी लगना

जितना उपर बताया है उससे आप समझ ही गए होंगे जब hyperthyroidism होता है तब मेटाबोलिज्म यानी खाना हजम होने की प्रक्रिया तेज़ हो जाती हैं। और जितना तेज़ मेटाबोलिज्म होगा यानी एनर्जी जलेगी, उतना ही गर्मी निकलेगी। जिससे इस समस्या से पीड़ित को ज्यादा गर्मी लगेगी। रात को सोते समय और सुबह उठने के बाद पसीना आना इसका एक आम लक्षण हैं। ऐसे ही जब hypothyroidism प्रॉब्लम आती है तो बॉडी की प्रक्रिया नार्मल से धीमी पड़ जाती हैं जिससे गर्मी कम बनती हैं और पीड़ित को ठण्ड ज्यादा लगती है।

4. कब्ज़ या दस्त लगना

जब किसी महिला या पुरुष को थायराइड की बीमारी होती है तो पाचन क्रिया बिगड़ जाती हैं। जैसा की आप जान गए होंगे थायराइड से निकले हारमोंस खाना हज़म होने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। जब हारमोंस बढ़ जाते है तो बार बार टॉयलेट जाना पड़ता है यानी दस्त की समस्या आती हैं। वही जब ये हारमोंस कम हो जाते हैं तो प्रभाव उल्टा होता हैं और ऐसे में कब्ज़ की शिकायत रहती हैं।

5. पीरियड्स में अनियमितता

जब किसी महिला को थायराइड से सम्बधित कोई प्रॉब्लम होती है तो डॉक्टर महिलाओ से जो पहला प्रश्न पूछते हैं वो होता हैं क्या आपके पीरियड सही से आ रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि महिलाओ को होने वाली माहवारी हारमोंस के प्रति काफी ज्यादा सवेदनशील होती हैं। हारमोंस में थोडा भी असंतुलन उनके पीरियड्स को प्रभावित करता हैं। कई बार पीरियड्स काफी हैवी होते है यानी जायदा होते हैं और कई बार पीरियड काफी कम होते हैं। दोनों ही अवस्था थायराइड प्रॉब्लम का लक्षण हो सकती हैं।

6. बालो का झड़ना

हारमोंस में असंतुलन आपके बालो पर भी प्रभाव डालते हैं। हाइपरथाइरॉयडिज़्म और हाइपोथायरायडिज्म दोनों अवस्था में ही बालो को गिरना एक संकेत के रूप में सामने आता हैं। हाइपरथाइरॉयडिज़्म में बालो पतले होने लगते हैं और इसमें बालो की जड़ो और बॉडी दोनों पर प्रभाव पड़ता हैं। कई मामलो में आइब्रो के गिरने की समस्या भी आने लगने लगती हैं। अगर आपको ऐसे कोई लक्षण दिखाई देते है तो बिना देरी किये थायराइड टेस्ट कराए।

7. मनोभाव पर प्रभाव

थायराइड के कम या जायदा काम करने से हारमोंस में असंतुलन बनता है जिससे भावनाओ पर प्रभाव पड़ता हैं। हार्मोन जब बढ़ जाते है तो गुस्सा, और स्य्कोलोगी की प्रॉब्लम आती हैं और जिनको हाइपोथायरायडिज्म की प्रॉब्लम है यानी हारमोंस की कमी होती है उन्हें डिप्रेशन रहने लगता हैं। डिप्रेशन एक गंभीर मानसिक समस्या हैं  वो चाहे थाइरोइड से हुई हो या फिर किसी अन्य कारन से। अगर आपको ये समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से मिले और उसका इलाज चालू करे।

दोस्तों ये जानकारी थायराइड के लक्षण : Thyroid symptoms in Hindi? को लेकर आपके अगर कोई सवाल या फिर कोई राय है तो उन्हें कमेंट में जरुर लिखे।

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