स्वाइन फ्लू के लक्षण, बचाव, इलाज | Swine Flu ka ilaj Upay

स्वाइन फ्लू क्या है | Swine Flu in Hindi

आजकल स्वाइन फ्लू बहुत तेजी से फ़ैल रहा है। रोजाना स्वाइन फ्लू की बीमारी के कारण अनेक पीड़ित मरीजो के मौत हो जाती है। क्योकि उन्हें  स्वाइन फ्लू के लक्षण, बचाव, इलाज के बारे मे पता नही होता है। आज हम आपको स्वाइन फ्लू (swine flu) से बचाव के घरेलू नुस्खो (ghrelu nuskho)के बारे मे ब्तायंगे। स्वाइन फ्लू की बीमारी h1n1 virus के  फैलने के कारण होती है। यह वायरस हवा मे फ़ैल जाता है। और साँस लेने पर लोगो के शरीर मे प्रवेश करके इस  रोग से संक्रमित कर देता है।

मौसम के बदलने के साथ साथ यह बीमारी गर्मी के मौसम मे काफी तेजी फैलने लग जाती है। यह एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है। जो बहुत तेजी से लोगो को अपनी चपेट मे ले रही है। आमतोर पर स्वाइन फ्लू के लिए सुअरों (pig) को मुख्य कारण माना जाता है। क्योकि यह रोग सुअरों से फैलता है। अगर स्वाइन फ्लू का उपचार समय पर नही किया जाए तो यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण, बचाव, इलाज Swine Flu ka ilaj Upay

स्वाइन फ्लू फैलने के कारण, कैसे होता है | Swine Flu kaise hota hai

स्वाइन फ्लू influenza virus  h1n1 के कारण फैलना शुरु होता है। यह वायरस आम वायरस की तरह ही फैलता है। जब  इस रोग से संक्रमित व्यक्ति छींकता है। तो उसके कीटाणु हवा मे फ़ैल जाते है। और कोई ठीक-ठाक ( healthy ) व्यक्ति जब साँस लेता है।  तो वह भी इस रोग से संक्रमित हो जाता है। यह रोग एक संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति मे बहुत तेजी से फैलता है। जिसके कारण तेज बुखार, खांसी आदि जेसे रोग भी हो जाते है।

इस बीमारी  के वायरस रिमोट, तकिये,कंप्यूटर जैसी चीजों पर लग जाते है। जिसे छूने से इस virus के रोगाणु हमारे हाथ पर लग जाता है,और जब हम अपने हाथ को नाक के पास लेके जाते है, तो यह वायरस साँस द्वारा हमारे शरीर के अंदर प्रवेश कर जाता है,और हम भी उस रोग से ग्रस्त हो जाते है।

 

स्वाइन फ्लू के लक्षण। Swine Flu symtoms

  • बुखार (fever):-   इस रोग के शुरु होने से पहले h1n1 वायरस से संक्रमित व्यक्ति को बहुत  तेज ठंड लगने लग जाती है। और एकदम से बहुत  ही तेज बुखार हो जाता है।
  • खांसी होना (khansi hona ):- इस वायरस के शरीर मे प्रवेश करते ही गला खराब हो जाता है। और खांसी हो जाती है यह वायरस गले को भी  प्रभावित करता है।
  • सिरदर्द (headache):- सिर दर्द होना भी स्वाइन फ्लू का एक मुख्य लक्षण है। स्वाइन फ्लू मे रोगी व्यक्ति के सिर मे  तेज दर्द होने लग जाता है।
  • बदन दर्द (body pain ) :-  स्वाइन फ्लू होने पर रोगी व्यक्ति के हाथो पैरो मे दर्द होने लग जाता है। और धीरे धीरे यह दर्द पुरे शरीर मे फ़ैल जाता है। जो एक Swine Flu ke symtoms में से एक है.
  • साँस लेने मे तकलीफ होना  स्वाइन फ्लू का वायरस साँस लेने वाले हिस्सों को परभावित करता है। जिससे रोगी व्यक्ति को साँस लेने मे तकलीफ होती है।

आमतोर पर स्वाइन फ्लू होने पर ये लक्षण देखे जाते है। अगर इनमे से कोई भी लक्षण दिखाई देता है। तो इसका इलाज जल्द से जल्द  करवाना चाहिए नही तो यह रोग जानलेवा साबित हो सकता है। स्वाइन फ्लू का इलाज उपचार घरेलू नुस्खो  के द्वारा भी किया जा सकता है ।

 

स्वाइन फ्लू का इलाज उपचार घरेलू नुस्खो से | Swine Flu ka ilaj upchar in Hindi

  1. स्वाइन फ्लू ( swine flu )  का उपचार घरेलू नुस्खो द्वारा किया जा सकता है। आप इन घरेलू नुस्खो को अपनाकर इससे बच सकते है। उपचार के लिए थोडा कपूर ले,छोटी इलायची ले, pudine की सुखी पत्ती ले तथा हल्दी का पाउडर ले अब इन सब  चीजों को पीसकर इसका चूर्ण बना ले. अब इस चूर्ण को किसी साफ कपड़े मे लपेट ले और कपड़े को अच्छी तरह से बंद कर दे तथा इस कपड़े को दिन मे कई बार सूंघने से जल्द हे अप ठीक होने लगेगे ।
  2. इस रोग से बचने के लिए आप गिलोई (giloy) की पत्तियों का भी इस्तेमाल कर सकते है। गिलोय की पत्तियों को पानी मे उबालकर उसके पानी को ठंडा कर ले और उस पानी का कई बार सेवन करने से स्वाइन फ्लू (swine flu) रोग जल्द ही पूरी तरह से खत्म हो जाता है।
  3. इसके वायरस से बचने के लिए आप तुलसी के पत्तो और काली मिर्च का भी उपयोग कर सकते है। सबसे पहले तुलसी के पत्ते ले और काली मिर्च के दाने ले तथा पानी को अच्छी तरह से उबालकर उसमे इनको डाल दे तथा इस पानी को ठंडा करके रोजाना पिए इससे स्वाइन फ्लू मे काफी फायदा मिलता है। तथा तुलसी के पत्तो को चाय (tea) मे डालकर पिने से खांसी जुकाम भी काफी राहत मिलती है।
  4. इस बीमारी के होने पर आप हल्दी के दूध का भी सेवन कर सकते है। स्वाइन फ्लू के उपचार मे हल्दी एक अच्छा घरलू नुस्खा है। सबसे पहले दूध मे एक चम्मच हल्दी मिलाकर दूध को अच्छी तरह उबाल कर दूध को गुनगुना करके पी ले स्वाइन फ्लू के घरेलू नुस्खो द्वारा उपचार मे ये एक कारगर उपाय है।
  5. इस रोग के उपचार मे आवंला भी बहुत ही फायदेमंद होता है। स्वाइन फ्लू के प्रभाव से बचने के लिए एक चम्मच आंवले के चूर्ण को पानी मे मिला कर पीने से इस बीमारी से जल्द ही छुटकारा मिल जाता है।
  6. swine flu के रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए दालचीनी का उपयोग भी बहुत फायदेमंद होता है। एक चम्मच  दालचीनी और एक चम्मच  शहद को एक साथ मिला कर रोजाना खाना भी स्वाइन फ्लू के इलाज उपचार मे बहुत लाभकारी माना जाता है।
  7.  अलोएवेरा का उपयोग भी स्वाइन फ्लू के घरेलू नुस्खो मे बहुत ही उपयोगी माना जाता है। अलोएवेरा के पतो के जेल को एक चम्मच पानी के साथ रोजाना लेने से स्वाइन फ्लू मे बदन दर्द से राहत मिलती है।
  8. अदरक मे पाए जाने वाले तत्व मे गले के संकर्मण के खिलाफ लड़ने मे मदद करता है। अदरक को चाय के मे डालकर पीने से swine flu ke ilaj upchar  मे फायदा मिलता है।

स्वाइन फ्लू बचाव और रोकथाम | swine flu se bachne ke upay

आज हम आपको स्वाइन फ्लू को फैलने से बचने के उपायों के बारे मे बता रहे है। जिन उपायों और सावधानियो को करके आप स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने से अपना बचाव कर सकते है।

  • स्वाइन फ्लू के वायरस की चपेट मे आने से बचने के लिए गंदगी वाली जगहों पर मुह पर कपड़ा या रुमाल बांध कर निकलना चाहिए ताकि उसके कीटाणु आपके साँस लेने के कारण आपके शरीर मे प्रवेश न कर पाए।
  • किसी भी वस्तु जेसे रिमोट, कंप्यूटर ,तकिये आदि के उपयोग के बाद अपने हाथो को अच्छे से साबुन (soap) से धो ले क्योकि इसके वायरस हाथो द्वारा नाक के सम्पर्क मे आने से भी आपको बीमार कर सकते है।
  • स्वाइन फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के पास जाने से बचे, अगर जाना भी पड़े तो अपने नाक को अच्छे से किसी साफ कपड़े या मास्क(mask) से ढक कर जाए।
  • इससे  संक्रमित व्यक्ति के किसी भी समान से दूर रहे उसके किसी भी सामान को न छुए और रोगी व्यक्ति का झूठा भोजन न खाए।
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