प्रेगनेंसी टिप्स व गर्भावस्था में सावधानियां: Pregnancy Tips in Hindi

Pregnancy Care Tips in Hindi : प्रेगनेंसी के समय माँ और बच्चे के पूर्ण रूप से स्वस्थ रहने और नार्मल डिलीवरी के कुछ सावधानिया बरतनी जरुरी बन जाती है। जैसे की गर्भवती महिला को क्या खाना चहिये और क्या नहीं, क्या काम करना चहिये और किन कामो से दूरी बनाए रखे। ऐसे ही कुछ प्रेगनेंसी केयर टिप्स के बारे में हम आज आपको बताने जा रहे है। जिससे आप ये सुखद अनुभव और बेहतर बने और बच्चा सुंदर स्वस्थ और निरोगी पैदा हो। जब कोई लड़की पहली बार प्रेगनेंट होती है तो वो काफी ऐसे बातो से अनजान होती है जिनके बारे में जानना जरुरी है। और प्रेगनेंसी में महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव आते है जिनके बारे में भी पता होना चाहिए।

गर्भावस्था का समय काफी नाजुक होता है छोटी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है इसलिए माँ को कुछ विशेष सावधानिया और जरुरी टिप्स जानना जरुरी बन जाता है। प्रेगनेंसी में एक जो आम ग़लतफहमी होती है कुछ महिलाओ इस समय में वजन बढ़ने से भी घबरा जाती है। पर मोटापा कण्ट्रोल करने के लिए खाने पीना कम कर देती है। जो बिलकुल गलत है क्योंकि गर्भवती महिला का थोडा वजन बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। कुछ ऐसे ही भ्रांतियों और प्रेगनेंसी टिप्स जाने के लिए ये लेख पूरा पढ़े।

प्रेगनेंसी टिप्स व गर्भावस्था में सावधानियां pregnancy tips in Hindi

प्रेगनेंसी टिप्स इन हिंदी

प्रेगनेंसी टिप्स व गर्भावस्था में सावधानियां हिंदी में

9 month pregnancy tips in Hindi

प्रेगनेंसी टिप्स जानने से पहले एक बात जो सबसे जरुरी बन जाती है वो है प्रेग्नेंट महिला को नियमित रूप से सप्ताह (Week by Week) और महीनो के अनुसार डॉक्टरी जांच करवाते रहना चाहिए। दूसरी बात बच्चे के सेहत माँ पर निर्भर करती है। इसलिए माँ को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।

1. स्वस्थ खानपान

प्रेगनेंसी में डाइट का महत्व सबसे ज्यादा होता है। प्रेग्नेंट महिला जो खाती है वो माँ के साथ बच्चे के लिए भी होती है। इसलिए माँ को एक विशेष डाइट लेने की जरुरत होती है। ओमेगा 3 एसिड गर्भ में पल रहे बच्चे के दिमाग के विकास के लिए जरुरी होता है। इसलिए गर्भवती महिला को ओमेगा 3 एसिड युक्त खाने का सेवन ज्यादा करना चाहिए।

  • गर्भावस्था में मोटापे के डर से ब्रेकफास्ट नहीं करते जो भी काफी नुकसानदायक होता है। सुबह का नाश्ता सबसे जरुरी डाइट होती है। एक व्यस्क ब्रेकफास्ट किये बिना रह सकता है पर बच्चे के लिए कुछ घंटे के लिए भी बिना पौषक तत्व के रहने से उनके पूर्ण विकास पर असर पद सकता है। इसलिए प्रेगनेंसी में सुबह का नाश्ता जरुर करना चाहिए।
  • बच्चे के शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए आयरन युक्त हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा करना चहिये। प्रेगनेंसी में माँ को एक्स्ट्रा कार्बोहायड्रेट और प्रोटीन की आवश्यकता है जिसके लिए बादाम और अखरोट खाने चाहिए।

जाने : प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाए

 

2. शारीरिक फिटनेस बनाए रखे

कुछ महिलाओ को ये डर रहता है की अगर वो ज्यादा चलेगी फिरेगी तो बच्चे पर बुरा असर हो सकता है जो की बिलकुल गलत है। प्रेगनेंसी में माँ को फिट रहना बहुत जरुरी होता है उसका अच्छा असर बच्चे पर भी होगा। इसलिए गर्भवती महिला को घूमना फिरते और हलके फुल्के काम करते रहना चाहिए। इसके साथ हलकी एक्सरसाइज भी करते रहे।  एक स्टडी के अनुसार जब प्रेग्नेंट महिला व्यायाम करती है तो कुछ ऐसे हारमोंस निकलते है जो बच्चे के विकास के लिए फायदेमंद है।

 

3. शराब और सिगरेट से परहेज

हर माँ बाप चाहता है उनका बेटा सेहतमंद पैदा हो। पर अगर आप अगर शराब या सिगरेट पीते है तो प्रेगनेंसी में आपको वो बिलकुल बंद करना होगा। धुम्रपान करने से समय से पहले डिलीवरी होने की संभावना बढ़ जाती है। दूसरा बच्चे के मस्तिष्क कौशिकाओ पर भी सिगरेट पीने का बुरा असर पड़ता है। शराब पीने के भी कुछ ऐसे ही बुरे परिणाम देखने को मिलती है।

 

4. प्रेगनेंसी में धूप सेंके

सूरज की रौशनी में विटामिन डी होता है जो हमारी बॉडी के लिए काफी फायदेमंद होता है। विटामिन डी से माँ और बच्चे की हड्डियों को मजबूती मिलती है। और प्रेगनेंसी में धुप लेना और जरुरी बन जाता है क्योंकि अगर ऐसा नहीं करते तो Preeclampsia नाम की हड्डियों की  बीमारी होने की भी आशंका बन जाती है। प्रेग्नेंट महिला को सुबह के समय धुप सेकनी चहिये जब धुप जायदा तेज़ ना हो।

 

5. टेंशन और तनाव से दूर रहे

गर्भावस्था के समय में माँ के शरीर में कई ने बदलाव आते है और इस अवस्था में माँ को विशेष रूप से अपनी देखभाल रखनी होती है। प्रेगनेंसी में माँ का स्वभाव चिडचिडा होना आम बात है। इस समय में शारीरिक और मानसिक तनाव बढ़ सकता है जो बॉडी में कुछ हारमोंस की वजह से होता है। माँ का टेंशन में रहना गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरे प्रभाव डालता है। इसलिए जितना हो सकते तनाव से दूर रहे, उसके लिए योगा, मैडिटेशन या दोस्तों के साथ समय व्यतीत करे। कुछ और टेंशन (तनाव) दूर करने के लिए उपाय जानने के लिए ये लेख पढ़े।

 

6. मोटापा कण्ट्रोल में रखे

गर्भ में बच्चा 9 महीने रहने का एक कारण होता है वो है बच्चे के पूर्ण विकास के लिए उसके नियमित रूप से पौषक तत्वों की जरुरत होती है। जो वो इस अवधी में माँ के द्वारा लेता रहता है। भूर्ण के पूर्ण विकास से पहले ही डिलीवरी होने का एक कारण माँ का वजन काफी ज्यादा बढ़ जाना भी होता है। इसलिए गर्भवती महिला को अपने वजन का ध्यान रखना चाहिए।

 

7. थाइरोइड को नियंत्रण में रखना

प्रेगनेंसी में थाइरोइड का उचित स्तर रहना जरुरी है। माँ में थाइरोइड की कमी बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकती है।  इसलिए गर्भावस्था में आपको चाहिए की माँ को पर्याप्त मात्रा में सोडियम मिलता रहे। इसके लिए एक संतुलित और हैल्थी डाइट लेते रहे। अपने खाने में आयोडीन युक्त नमक और दही को शामिल करे।

 

गर्भावस्था में योगा टिप्स : Pregnancy Yoga Tips in Hindi

बच्चा तंदुरुस्त और सेहतमंद पैदा हो उसके लिए माँ का फिट रहना बहुत आवश्यक है। आज के समय में दुनियभर में शेप में और फिट रहने के लिए योगा किया जाने लगा है। वजन को नियंत्रण में रखने और एक स्वस्थ शरीर बनाए रखने के लिए प्रेग्नेंट महिला कुछ योगा कर सकती है। जिनसे वो तो हेल्थी  रहेगी ही उसका बच्चा भी स्वस्थ रहेगा।

प्रेग्नेंट महीला कोई भी योग किसी योगा गुरु के देख रेख में ही करना चाहिए और उसे आपके गर्भवती होने का पता होना चाहिए। प्रेगनेंसी में गर्भवती महिला  भद्रासन, वक्रासन और पर्वतासन ये तीन योगा कर सकती है।

ilaj Upay के इस लेख गर्भावस्था में सावधानियां: Pregnancy care Tips in Hindi? को लेकर अगर आपके कोई सवाल है तो बेजिझक पुच सकते है। प्रेगनेंसी टिप्स के बारे में किसी के कोई सुझाव है तो वो भी जरुर दे।

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