पीलिया के लक्षण और दवा : Jaundice Symptoms & Treatment in Hindi

Piliya ke Lakshan aur Treatment in Hindi : पीलिया एक ऐसे बीमारी है जिसमे त्वचा और आँखों के सफेद हिस्से का रंग पीला हो जाता है। जैसा की पीलिया के नाम भी पीला है इसके इस प्रमुख लक्षण की वजह से इसका ये नाम पड़ा है। शरीर में ये पीलापन खून में बिलीरूबिन की मात्रा बढ़ने की वजह से होता है जो लिवर के किसी रोग और लाल रक्त कौशिकाओ के टूटने से होता है। ये रोग व्यस्क और नवजात शिशु (छोटे बच्चे) दोनों को हो सकता है। असल में देखा जाए तो पीलिया कोई बीमारी नहीं है बल्कि ये कई और रोगों के लक्षण होते है। गर्मियों के मौसम में पीलिया होने की संभावना अधिक होती है। पीलिया के उपचार यदि लम्बे समय तक ना किया जाये तो इससे रोगी की जान भी जा सकती है। इसलिए समय रहते पीलिया के लक्षण पहचान कर उपचार (दवा) करना काफी जरुरी होता है।

 

पीलिया कैसे होता है?

हमारे खून में रेड ब्लड सेल्स होते है जो शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुचाने का काम करते है। इन रेड ब्लड सेल्स यानी लाल रक्त कौशिकाओ की उम्र 120 दिन होती है और जब ये टूटते है जो बिलीरूबिन का निर्माण होता है। जो खून से होता हुआ लीवर तक पहुचता है जिसे लीवर खाना हजम करने में इस्तेमाल करता है। और उसके बाद ये हमारे मल के साथ बॉडी से बाहर निकल जाता है।

पर कई बार लीवर में किसी विकार या अन्य बीमारी के कारण लीवर बिलीरूबिन का सही से इस्तेमाल नहीं कर पता। जिससे इसकी मात्रा बढ़ जाती है जो पीलिया रोग के रूप में सामने आता है। पीलिया आम तौर पे 3 प्रकार का होता है।

  1. Hemolytic jaundice
  2. Hepatocellular jaundice
  3. Obstructive jaundice

 

एक और पीलिया जिसे infant jaundice के नाम से जाना जाता है वो छोटे बच्चो को होता है। ये पीलिया इसलिय होता है क्योंकि बच्चे का लीवर पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ होता जिससे वो बिलीरूबिन को उचित रूप से शरीर से बाहर नहीं निकाल पाता।

पीलिया होने के कारण : jaundice Causes in Hindi

जैसा की हम बता चुके है पीलिया एक ऐसे समस्या है जो कई तरह की बीमारियों के कारण हो सकती है। इसलिए पीलिया होने के कारण जानना जो bilirubin मेटाबोलिज्म और उत्सर्जन की प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे है।

जिनका लिवर कमज़ोर होता या कोई लीवर का रोग होता है वो इसके चपेट में आसानी से आ जाते है। इसके अलावा आस पास सफाई ना रखना और दूषित खाना भी इस बीमारी के होने का कारण बन सकता है। दूषित पानी और शराब का अत्यधिक सेवन करने से भी ये रोग हो सकता है।

इनके अलावा निचे कुछ ऐसे बीमारिया भी है जो आगे चलकर पीलिया को जन्म देने का काम करती है। मलेरिया बुखार, थैलेसीमिया, दवाओ का साइड इफेक्ट्स, Spherocytosis, Glucose 6 और Autoimmune disorders ऐसे ही बीमारिया है।

पीलिया के लक्षण दवा Jaundice piliya Symptoms in Hindi

piliya ke lakshan

पीलिया के लक्षण : Jaundice (Piliya) Symptoms in Hindi

पीलिया के उपचार से पहले इसके लक्षणों के बारे में जानकर ये पक्का करना जरुरी है की आपको पीलिया है या नहीं। एडल्ट्स और नवजात शिशु दोनों को जौंडिस हो सकता है। इस रोग में स्किन का रंग पीला पड़ जाना एक आम लक्षण है इसके अलावा पीलिया के लक्षण निचे दिए गए है।

Adults me Piliya ke Lakshan

  • पीले रंग का मल आना
  • पेशाब का रंग गहरा होना
  • उलटिया
  • सिर दर्द होना
  • दस्त लगना
  • बुखार के साथ ठण्ड लगना
  • भूख खत्म हो जाना
  • पेट में दर्द रहना
  • टांगो में सुजन आ जाना
  • मलद्वार से खून आना
  • जी मचलना
  • वजन कम होना

अगर किसी को ऊपर लिखे लक्षण दिखाई दे तो उन्हें तुरंत पीलिया का टेस्ट करा लेना चाहिए। जितना जल्दी आप ट्रीटमेंट शुरू करेंगे उतना ही जल्दी इससे छुटकारा पाना आसान होगा।

Navjaat shishu me Piliya ke Lakshan

  1. माँ का दूध कम पीना
  2. सुस्ती रहना
  3. बच्चे का तेज़ आवाज़ में रोना
  4. गहरा पीला मल आना
  5. गाढ़ा पीला मूत्र आना
  6. पैरो के तलवे और हाथो की हथेलियों में पीलापन आना
  7. आँखों के सफेद हिस्सा पीला दिखाई देना

बच्चो में पीलिया होने से रोकने के लिए भारत सरकार ने हेपेटाइटिस के टीकाकरण को शुरू किया है। ये इंजेक्शन दो प्रकार का होता है  हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस a. हेपेटाइटिस बी का टीका नवजात शिशु को लगाया जाता है और हेपेटाइटिस a बच्चो और व्यस्क दोनों को लगाया जाता है।

पीलिया की दवा : Piliya ki Desi dawa in Hindi

पीलिया का घरेलू इलाज के लिए मूली के पत्तो का रस दवा के रूप में सेवन किया जा सकता है। ताज़ा मूली के पत्तो को अच्छी तरह साफ़ करके उनका रस निकल ले। इस रस में थोड़े चीनी मिलाकर पीलिया पीड़ित को पिलाए। दिन में 500 ml तक ये मुली का रस पिए । इससे भूख में भी फायदा होता है और पेट साफ़ भी आसानी से होने में मदद मिलती है।

पीलिया के उपचार के लिए दूसरा घरेलू नुस्खा जिसे मेडिसिन के रूप में सेवन किया जा सकता है वो है चकंदर का रस। चुकंदर का रस निकाले और उसमे एक निम्बू निचोड़ कर पिए। इसके साथ चुकंदर के पत्तो की सब्जी बनाकर खाए।

पीलिया के रोगी को ज्यादा मसालेदार और तले हुए खानों से परहेज करना चाहिए। शराब पीना बिलकुल बंद कर दे।  फ़ास्ट फ़ूड और लाल मीट जैसे भरी खाने भी ना खाए।  उसके साथ कोई भी फल खाने या सब्जिया पकाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोले।

दोस्तों ilaj upay की ये पोस्ट पीलिया के लक्षण और दवा : Jaundice Symptoms in Hindi? अगर आपको अच्छी लगी हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर जरुर करे। अगर हमारे पाठक Piliya रोग से संबधित कोई सवाल या सुझाव है तो वो कमेंट में लिखे।

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