नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण और 10 उपाय : Normal Delivery Tips in Hindi

Pregnancy Tips for Normal Delivery in Hindi : हाल ही के कुछ वर्षो में डिलीवरी के लिए ऑपरेशन कराना आम होता जा रहा है ये जानते हुए भी की सिजेरियन डिलीवरी में माँ और बच्चे के लिए रिस्की होती है। ऑपरेशन से डिलीवरी की बजाय नार्मल डिलीवरी कम रिस्की होती है और माँ को रिकवर होने में भी कम समय लगता है। इसलिए ज्यादातर महिला यही चाहती है उनकी नार्मल डिलीवरी हो। लेकिन आजकल की जीवनशैली में ये मुश्किल होता जा रहा है। C-Section से डिलीवरी में यूरिन इन्फेक्शन, खून के कमी और बच्चे के किसी अंग में नुकसान पहुचना जैसे रिस्क होते है। पर अब सवाल ये पैदा होता है नॉर्मल डिलीवरी के लिए क्या करें? आज हम जानेंगे नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण, उपाय और प्रेगनेंसी टिप्स

गर्भावस्था के शुरूआती 3 महीले ( पहले 12 सप्ताह) सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस समय मैं डॉक्टर और घर वालो को प्रेग्नेंट महिला को कई तरह के सावधानिय बरतने के लिए कहते सुना होगा जैसे ज्यादा वजन ना उठाना, खान पान का विशेष ध्यान रखना और हलकी फुलकी एक्सरसाइज करना आदि। ऐसे ही कुछ सावधानियो और प्रेगनेंसी टिप्स की मदद से नार्मल डिलीवरी की सम्भावना को बढाया जा सकता है।

नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण उपाय Normal Delivery Tips in Hindi

Normal Delivery Tips in Hindi

नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण : Normal Delivery ke Lakshan

जब प्रेग्नंत महिला Labour Pain यानि प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद हॉस्पिटल जाती है तो ये जानने के लिए की उसकी नार्मल डिलीवरी है या नहीं उसे डॉक्टर से पूछना पड़ता है। लेकिन आप अपने शरीर में होने वाले बदलाव और लक्षणों के आधार पर खुद ही ये जान सकते है की आपका बच्चा नार्मल डिलीवरी से पैदा होने वाला है। चलिए ऐसे ही कुछ नार्मल डिलीवरी के लक्षण निचे जानते है .

  1. डिलीवरी से पहले प्रसव पीड़ा शुरू होना जो 8 से 14 घंटे तक रहती है।
  2. बच्चे का सिर योनी की तरफ झुक जाना। कुछ महिलाओ को प्रसव पीड़ा (labour pain) से 2 सप्ताह पहले ही ऐसा हो जाता है।
  3. पेशाब करने की तेज इच्छा होना नार्मल डिलीवरी के लक्षणों में से हो सकता है। ऐसा बचे का सिर निचे की तरह झुकने से ब्लैडर पर दबाव पड़ने की वजह से होता है।
  4. पीठ के निचले हिस्से में दर्द महसूस होना जो आता जाता रहता है।
  5. प्रेग्नेंट महिला को अपने पेडू में जोड़ ढीले महसूस होना खासकर गर्भावस्था की तिमाही में।
  6. पेट में तेज़ दर्द और ऐंठन महसूस होना जैसा पीरियड्स के दौरान होता है।

 

नॉर्मल डिलीवरी के उपाय : Pregnancy Tips for Normal Delivery in Hindi

नार्मल डिलीवरी के लिए सबसे पहले तो जरुरी है माँ को इस बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए। लगभग 85% महिलाओ को प्राकर्तिक रूप से नार्मल डिलीवरी के जरिये बच्चा पैदा करने के संभावना रहती है लेकिंग 65% महिलाओ को ही ऐसा हो पता है। अगर आप भी उन माताओ में से हो जो ऑपरेशन के बजाय नार्मल डिलीवरी ही चाहती है तो निचे बताए प्रेगनेंसी टिप्स और उपाय के मदद से ऐसा कर पायंगे।

1. तनाव से दूर रहे

नार्मल डिलीवरी के के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है माँ टेंशन या तनाव से दूर रहे। प्रेगनेंसी के समय माँ को हर तरह की चिंताओ से दूर रहना चहिये। दिमाग पर ज्यादा जोर गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।

  • प्रेगनेंसी के बारे में किताबे पढ़े और ऐसे लोगो के साथ रहे जिनकी संगति में आप खुश रहते हो। अपने ऐसे दोस्तों से दूरी बनाए रखे जो आपके लिए परेशानी का सबब बनते है या आपके मन में नकारात्मक विचार डालते हो।

 

2. प्रेगनेंसी के दौरान एक्सरसाइज

गर्भवती महिला को नियमित रूप से हलकी फुलकी एक्सरसाइज करना जरुरी है। व्यायाम से आपके पेडू के मांसपेशिय मजबूत होती है जो आगे चलकर डिलीवरी के समय प्रसव पीड़ा को झेलने में मदद करती है।  इसके अलावा नियमित एक्सरसाइज करने से स्टैमिना बढ़ता है जो भी नार्मल डिलीवरी में फायदेमंद होता है।

नार्मल डिलीवरी के लिए प्रेगनेंसी में कोई भी एक्सरसाइज या योगा करने से पहले स्वास्थ्य विशेषग के सलाह जरुर ले।

 

3. पौष्टिक खानपान

सभी जरुरी पौषक तत्वों से भरपूर डाइट माँ के लिए नार्मल डिलीवरी के तरफ जाने में मदद कर सकती है। अगर माँ पूर्ण रूप से स्वस्थ होगी तो वो बच्चे को प्राकर्तिक तरीके से जन्म देने में सक्षम होती है। गर्भ में पल रहे बच्चे के सही विकास और माँ के हैल्थी रहने के लिए एक उचित सभी तत्व युक्त डाइट की जरुरत होती है जिसमे सब तरह के आहार शामिल हो।

  • गर्भावस्था में माँ को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए ताकि बच्चा और माँ दोनों हाइड्रेट रह सके। इसके साथ गर्भवती महिला को हरी पत्तेदार सब्जिया और ताज़े फल खाने चाहिए।

जाने : प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं

 

4. नार्मल डिलीवरी के लिए नींद पूरी ले

एक अच्छी नींद कई शारीरिक और मानसिक समस्याओ का समाधान होती है। प्रेगनेंट महिला को 8 से 10 घंटे की नींद रोजाना जरुर लेनी चाहिए। माँ की पूरे दिन की थकान से आराम पाने में नींद मदद करती है। माँ और बच्चे के सम्पूर्ण विकास में भी नींद अहम देती है।

  • अच्छी नींद लेने के लिए कमरे में रौशनी कम रखे और आसपास शौर शराबा ना हो। सोने से पहले कैफीन युक्त चाय या कोंफी ना पिए , इनसे नींद कम आती है।

 

5. अच्छे डॉक्टर से नियमित जांच

प्रेगनेंसी के दौरान एक अच्छे Gynecologist डॉक्टर से अपने नियमित रूप से जांच करवाते रहे। डॉक्टर ऐसा हो जो सिजेरियन के बजाय नार्मल डिलीवरी में ज्यादा विश्वास रखता हो। डॉक्टर के सामने किसी भी तरह का संकोच ना करे, अपने कोई भी परेशानी या सवाल बेजिझक  पूछे।

 

नार्मल डिलीवरी टिप्स : Normal Delivery ke Upay in Hindi

  • डिलीवरी के कुछ समय पहले से अपने परिवार के साथ रहे।
  • प्रेगनेंसी में रोजाना कुछ समय जरुर टहले। नार्मल डिलीवरी के लिए माँ का चलते फिरते रहना जरुरी है।
  • माँ को दिन में 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए, जिससे बच्चे के पूर्ण विकास में मदद मिलती है।
  • प्रेगनेंसी से संबधित किताबे पढ़े जिससे डिलीवरी के समय दर्द सहने के तरीके और अन्य प्रेगनेंसी टिप्स पता चलते है
  • माँ में खून की कमी नहीं होनी चाहिए इसलिए समय समय पर खून की जांच कराते रहे।

हमारी इस पोस्ट नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण उपाय : Normal Delivery Tips in Hindi? से जुड़े अपने सवाल निचे पुच सकते है। अगर हमारा कोई पाठक कोई सुझाव या Pregnancy Tips शेयर करना चाहता है तो कमेंट में लिखे।

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