मासिक धर्म में पेट कमर दर्द के उपाय – Periods me dard ka ilaj

मासिक धर्म (माहवारी) में दर्द के उपाय – मासिक धर्म  एक प्राकर्तिक प्रक्रिया है जो महिलाओ को हर महीने 4 से 5 दिन तक होती है. पीरियड्स लडकियों में 11 से 15 साल के बीच में होने शुरू हो जाते है. कुछ लडकिया घबरा जाती है जब उन्हें पहली बार ये होता है ऐसा कुछ भी डरने की कोई बात नहीं है. ये एक सामान्य बदलाव है. इस दौरान खून का बहाव होता है. महिलाओ को मासिक धर्म के समय पेट और कमर में दर्द के साथ कुछ और समश्याओ का सामना भी करना पड़ता है.

कई बार Periods में दर्द इतना बढ़ जाता है जो असहनीय हो जाता है. और हॉस्पिटल तक जाने की नौबत आ जाती है. पीरियड्स के समय शरीर में कमजोरी, थकान हो जाती है और साथ ही स्वभाव भी चिडचिडा  हो जाता है. यह तक की छोटे मोटे काम करने में भी परेशानी होने लगती है. ये दर्द पेट के निचले हिस्से, कमर और पीठ में होता है. इस पोस्ट में हम जानेंगे मासिक धर्म (Period) के समय होने वाले दर्द का इलाज के घरेलू उपाय.

मासिक धर्म में पेट कमर दर्द के उपाय - Periods me dard ka ilaj

पीरियड (माहवारी) में दर्द क्यों होता है – Masik dharm ke samay dard ke karan

कम उम्र की लडकियों में इसमें दर्द ज्यादा होता है. 20 साल से कम उम्र की लडकियों को पीरियड्स के समय इस पेट और कमर के निचले हिस्से में दर्द का सामना ज्यादा करना पड़ता है. जैसे वो बड़ी होते जाती है ये कम होता जाता है. माहवारी (कपडे) के शुरुआत के 1-2 दिन में दर्द ज्यादा होता है कुछ महिलाओ को तो ये शुरू होने से पहले ही pain महसूस होने लग जाता है. पीरियड (Date) में दर्द के मुख्य कारणों में एक है इसके दौरान खून ज्यादा बह जाना. स्वस्थ्य के लिए हानिकारक आदते जैसे धुम्रपान, अधिक शराब का सेवन भी दर्द होने का कारण बन सकती है. ज्यादातर महिलाओ में मासिक धर्म का दर्द पहले बच्चे के जन्म के बाद कम या पूरी तरह ख़तम हो जाता है.

 

माहवारी के दर्द का इलाज के घरेलु उपाय – Periods (MC) me dard ka ilaj in Hindi

गर्म पानी से सिकाई

मासिक धर्म के समय दर्द  में सिकाई एक कारगर घरेलु उपाय है. गरम पानी की सिकायी से गर्भाशय की मांसपेशियों शांत हो जाती है. जिससे दर्द में आराम मिलता है. इसके लिए आप रबड़ के बैग या किसी प्लास्टिक की बोतल में गरम पानी भर के उससे पेट के निचले हिस्से की सिकाई करे. हम ये एक तौलिये को गरम पानी में भिगोकर भी दर्द वाले हिस्से की सिकाई कर सकते है.

 

दालचीनी

दालचीनी में कैल्शियम, आयरन और फाइबर काफी मात्रा में पाए जाते है इनके साथ इसमें कई ऐसे गुण होते है जो पीरियड्स के समय सुजन और दर्द में राहत पहुचाते है. एक गिलास गरम पानी में एक चमच्च दालचीनी और एक चमच्च शहद की मिलाकर माहवारी के पहले दिन 2 से 3 बार पिए.

सौंफ

सौंफ गर्भाशय में में होने वाले ऐंठन को शांत करके बेचैनी और दर्द को कम करती है. एक कप उबलते पानी में एक चमच सौंफ की डाले,अब आंच धीमी पर 5 मिनट तक इस मिश्रण को रहने दे. अब थोडा ठंडा करके एक चमच शहद की मिला ले. इस हर्बल चाय का दिन में 2 बार  पीरियड के शुरूआती 2-3 दिनों सेवन करे.

 

अदरक

अदरक को भी मासिक धर्म के समय दर्द के उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. पेट और कमर में दर्द होने का एक सबसे बड़ा कारण prostaglandins नाम का एक केमिकल है जो महिलाओ के गर्भाशय में होता है. सौंफ एक दवा (Medicine) के रूप में काम करता है और इस दर्द बढ़ाने वाले केमिकल को कम करता है. जिससे आपको पीरियड्स में पेट कमर दर्द से छुटकारा मिल जाता है.एक कप पानी में अदरक का एक छोटा टुकड़ा दाल कर उसे उबाले और थोडा ठंडा करके उसमे शहद और निम्बू का रस मिला ले. इस चाय को माहवारी के दिनों में एक दिन में 3 बार पिए.

तुलसी

एक चमच तुलसी के पत्ते उबलते पानी में डाले और उसे अच्छी तरह ढक के रख दे. ठंडा होने पर इसे पिए, दिन में 3-4 बार इसका सेवन करे. तुलसी एक आयुर्वेदिक औषधि के रूप में काम करती है जो दर्द कम अकरने में मदद करती है..

 

मासिक धर्म के समय सावधानी

माहवारी (मासिक धर्म) के समय सावधानी में साफ़ सफाई का ध्यान रखा सबसे जरुरी है. इस समय इन्फेक्शन होने का खतरा काफी जयादा रहता है. इसलिए हमे जितने हो सके अपने गुप्त अंगो के आस पास सफाई रखनी चाहिए. इन दिनों में पानी दबा के पीना चहिये, फ़ास्ट फ़ूड से पीरियड्स में परहेज रखे.

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