मलेरिया के लक्षण और 5 घरेलू ट्रीटमेंट : Malaria Symptoms in Hindi

Malaria ke Lakshan in Hindi : मलेरिया एक जानलेवा बुखार है जो संक्रमित मादा एनाफिलीज नाम के मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया का मच्छर गंदगी में पनपता है लम्बे समय तक गन्दा पानी जमा रहना इसके पैदा होने का प्रमुख कारण होता है। जब संक्रमित एनोफेलीज मच्छर किसी को काटता है तो उसके खून में प्लास्मोडम परजीवी प्रवेश कर जाते है जो खून में लाल रक्त कौशिकाओ को इन्फेक्टेड करते है और तेज़ी से बढ़ते जाते है। उसके 48 से 72 घंटे बाद वो संक्रमित रेड ब्लड सेल्स खुल जाती है और वहा से वो दूसरी कौशिकाओ में शामिल हो जाते है। रोगी को तेज़ ठण्ड लगना मलेरिया का आम लक्षण होता है। इसमें बुखार उतरता चढ़ता रहता है। जब बुखार चढ़ता है तब तेज़ सर्दी लगती है और उतरने के समय काफी पसीना आता है। चलिए आगे जानते है मलेरिया के समान्य लक्षण : Malaria Symptoms in Hindi.

मलेरिया के लक्षण : Malaria ke Lakshan (Symptoms) in Hindi

Malaria ke Lakshan

मलेरिया के लक्षण : Malaria Symptoms in Hindi

आम तौर पर मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने के 7 से 18 दिन बाद मलेरिया के लक्षण सामने आते है। Malaria Symptoms कितने दिन बाद दिखाई देंगे ये निर्भर करता हैं कौन से मलेरिया फ़ैलाने वाले परजीवी से संक्रमित हुए है।

  • तेज़ बुखार चढ़ जाना
  • ठण्ड और कपकपाहट होना
  • सिर दर्द होना
  • जी मचलना और उलटिया लगना
  • शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होना
  • शरीर में दर्द होना
  • काफी पसीना आना
  • मल में खून आना

मलेरिया में प्लॉस्डियम परजीवी रोगी की रेड ब्लड सेल्स को संक्रमित करके उन्हें धीरे धीरे ख़त्म करना शुरू कर देते है। जिससे खून में ये सेल्स कम होने लगते है जो आगे चलकर एनीमिया का रूप ले लेता है। रेड ब्लड सेल्स यानी लाल रक्त कौशिकाओ का काम हीमोग्लोबिन और ऑक्सीजन का सही प्रवाह करना होता है और जब इनके कमी होने लगती है तो ये कुछ और लक्षण भी सामने आने लगते हैं।

  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • लो ब्लड प्रेशर
  • बेहोश हो जाना
  • रोगी को घबराहट महसूस होना
  • काफी ज्यादा थकावट आ जाना

अगर हमारे किसी पाठक या उसके किसी जानने वाले को उपर दिए मलेरिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो बिना देरी किये खून की जांच (Blood Test) कराए और अगर टेस्ट रिजल्ट में मलेरिया आये तो तुरंत ट्रीटमेंट चालू करे।

मलेरिया के घरेलू उपचार : Malaria Treatment in Hindi

  1. मलेरिया बुखार के घरेलू ट्रीटमेंट में अदरक एक असरदार नुस्खा है। अदरक में पाया जाने वाला जिंजरोल रोगाणुरोधी होता है जो मलेरिया के लक्षणों से छुटकारा पाने में मदद करता है। इसके सेवन से बुखार में होने वाले शरीर दर्द में भी राहत मिलती है। लगभग 1 इंच अदरक का टुकड़ा काटे और उसे एक गिलास पानी में डालकर उबाले और थोडा ठंडा होने के बाद पीले।
  2. कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओ के समाधान के लिए दालचीनी एक रामबाण उपाय के जैसे काम करती है। ठीक वैसे ही मलेरिया के इलाज के लिए भी दालचीनी एक असरदार नेचुरल औषधि (medicine) है। दालचीनी में कैटेचिन होता है जो एंटीऑक्सीडेंट होता है और एक एंटीबायोटिक के रूप में सेवन किया जा सकता है। एक कप पानी में एक चमच्च दालचीनी पाउडर और एक चुटकी काली मिर्च डालकर उबाले। अब इसे गैस से उतर कर ठंडा होने के लिए रख दे और थोड़े देर बाद एक चमच्च शहद मिलाए और इसका सेवन करे। जाने : दालचीनी के 10 फायदे
  3. संतरे से हमें विटामिन c मिलता है जो तेज़ बुखार को उतारने में सहायता करता है। इसके साथ विटामिन c से इम्युनिटी भी बेहतर होती है जिससे Malariya ke Lakshan से छुटकारा पाना आसान हो जाता हैं। खानों के बीच में संतरे का जूस पिए।
  4. तुलसी को कई बीमारियों के घरेलू उपचार के लिए इस्तमाल किया जाता है इसीलिए इसे जड़ी बूटियों की रानी के नाम से भी जाना जाता है। इस हर्बल दवा में कई ऐसे गुण होते है जो मलेरिया बुखार से लड़ने में मददगार होते है। तुलसी के सेवन से मलेरिया के दौरान उलटिया, दस्त और बुखार जैसे लक्षणों में राहत मिलती है। 10 ग्राम तुलसी की पत्तिया और 3 ग्राम काली मिर्च को पीस कर पेस्टनुमा बनाए और इसका सेवन करे।
  5. ग्रीन टी और इमली से तैयार हर्बल चाय पीने से बुखार कम होने में मदद मिलती है। ग्रीन टी में एंटीऑक्सिडेंट होते है जो आपकी रोग प्रतिरोधक शक्ति को मजबूती प्रदान करते है। एक कप गर्म पानी में एक ग्रीन टी बैग और छोटा इमली का टुकड़ा कुछ मिनटों के लिए डाले और टी बैग निकालकर ये हर्बल चाय पिए।

 

क्या मलेरिया बुखार छूने से फैलता है?

काफी लोगो का ये सवाल होता है की क्या मलेरिया रोगी के छूने से ये बुखार फ़ैल सकता है? मलेरिया संक्रमक बीमारी नहीं है छूने या पास आने से ये नहीं फैलता। दो परिस्थितियों में बिना मच्छर के काटे मलेरिया होता है। पहला है प्रेगनेंसी में ऐसा हो सकता है। अगर माँ को मलेरिया है तो उसके नवजात शिशु को भी मलेरिया हो सकता है। और दूसरा अगर एक मलेरिया से पीड़ित को टीका लगाने पर इस्तेमाल की हुई वही सुई से किसी दूसरे को भी इंजेक्शन लगाया जाए तो उसको भी मलेरिया हो सकता है। इन दो परिस्थितियों को छोड़कर ये रोग एक व्यक्ति से दूसरे को नहीं होता।

ilajUpay के प्रिय पाठको हमारे इस लेख मलेरिया के लक्षण : Malaria ke Lakshan (Symptoms) in Hindi? के बारे में अपनी राय या मलेरिया बुखार से संबधित सवाल निचे कमेंट में लिख सकते है।

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