लकवा (पैरालिसिस) होने के कारण लक्षण और इलाज के 10 रामबाण नुस्खे

लकवा का इलाज के आयुर्वेदिक देसी नुस्खे : लकवा यानी फालिज मार जाना वो अवस्था होती हैं जब एक या एक से अधिक अंग की मांसपेशिया काम करना बंद कर देती हैं। जिससे शरीर के वो हिस्से भी काम करना बंद कर देते हैं। अंग्रेजी में इसे पैरालिसिस होना कहा जाता हैं। इसमें पूरी बॉडी या आधा हिस्सा या एक तरफ का हिस्सा प्रभावित होता हैं। पैरालिसिस होना स्ट्रोक अटैक या किसी इंजरी का परिणाम होता हैं। पीड़ित इसमें ना सिर्फ कोई भी हिस्सा हिलाने डुलाने पर मजबूर हो जाता बल्कि ज्यादातर मामलो में उन्हें छूने तक का अहसास नहीं होता। आज हम आपको बताएँगे लकवा होता क्यों है, इसके लक्षण क्या और कैसे हम कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे और घरेलू उपाय करके पैरालिसिस का उपचार कर सकते हैं।

ये एक गंभीर समस्या है जो किसी भी उम्र में महिला या पुरुष दोनों को हो सकती हैं पर ज्यादा उम्र के लोगो को लकवा मार जाने की संभावना अधिक रहती हैं। इसमें पीड़ित ना सिर्फ शारीरिक रूप से कमज़ोर होता हैं बल्कि मानसिक रुक से भी टूट जाता हैं। कुछ ही समय में एक हस्ती खेलती ज़िन्दगी बर्बाद हो जाती हैं। इसमें पीड़ित को अपने छोटे मोटे काम के लिए किसी और पर निर्भर रहना पड़ता हैं।

लकवा (पैरालिसिस) होने के कारण लक्षण और इलाज

Paralysis treatment in Hindi

लकवा होता कैसे हैं? कारण और प्रकार: Paralysis causes in Hindi

लकवे का इलाज जानने से पहले ये भी पता होना चाहिए की ये क्यों और कैसे होता हैं। चलिए जानते है कुछ आम कारण।

1. स्ट्रोक (दौरा) पड़ना : लकवा यानि फालिज मार जाने के कई कारण हो सकते हैं। जिसमे पैरालिसिस अटैक यानी स्ट्रोक पड़ना एक आम वजह होती हैं। इसमें रोगी का आधा या पूरा हिस्सा या फिर कोई एक अंग काम करने की शक्ति पूर्ण या आंशिक रूप से खो देता हैं। इस कारण हुए लकवे में असर चेहरे पर भी पड़ता हैं। अधिकतर इस वजह से पैरालिसिस हुआ इंसान सही ट्रीटमेंट से ठीक हो जाता हैं।

2. रीढ़ की हड्डी में चोट (Spinal Cord Injury) : रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से भी आदमी पैरालिसिस हो जाता हैं। इसमें लकवा 2 प्रकार का होता हैं। पहला जब रीढ़ की हड्डी के गर्दन वाले हिस्से में चोट लगे जिससे फ्रैक्चर या हड्डी पूरी तरह टूट जाये। इसमें रोगी का गर्दन के निचे का हिस्सा प्रभावित होता हैं और काम करना बंद कर देता हैं। इसमें पैर के साथ हाथ भी काम करना छोड़ देता हैं। ऐसे लकवे को Quadriplegic कहते हैं।

दूसरी अवस्था मे गर्दन के निचे कमर वाले हिस्से की रीढ़ की हड्डी में चोट की वजह से हुआ लकवा आता हैं। इसे Paraplegic कहते है इसमें हाथ पैर तो सही से पहले जैसे काम करते हैं पर जहा पर चोट लगी है उसके निचे का हिस्सा पक्षघात का शिकार हो जाता हैं।

ये दोनों स्पाइनल कार्ड इंजरी भी 2 प्रकार की होती हैं। Complete Injury और Incomplete Injury. Complete injury में पीड़ित ना केवल अपने अंगो में हिलाने की शक्ति खो देता है बल्कि उसके साथ में उसे किसी के छूने या हाथ लगाने का भी पता नहीं लगता। इस हालत काफी ज्यादा गंभीर होती हैं ऐसे में ठीक होना काफी ज्यादा मुश्किल होता हैं। Incomplete Injury में रोगी पूरी तरह से शक्ति नहीं खोता। अंगो में थोड़ी बहुत ताक़त और सेंसेशन रहती हैं। ऐसे में फिर से ठीक होने की संभावना काफी होती हैं।

3. उपर दिए 2 प्रमुख कारणों के अलावा भी कुछ और वजह लकवा होने की हो सकती हैं। Multiple Sclerosis, cerebral palsy, Traumatic brain injury कुछ ऐसे कारण हैं। स्लिप डिस्क से रीढ़ की हड्डी में दर्द रहने की समस्या काफी होती हैं। ऐसे में डॉक्टर कई बार ऑपरेशन करने की सलाह देते है। कुछ मामलो में देखा गया है ऑपरेशन बाद भी कुछ लोग लकवाग्रस्त हो जाते हैं। इसलिए जिन लोगो को स्लिप डिस्क की प्रॉब्लम है वो बिना सर्जरी के ही इलाज कराने की कौशिश करे।

लकवा होने के लक्षण : Paralysis Symptoms in Hindi

लकवे के लक्षणों को आसानी से समझा जा सकता हैं। जैसा की हम उपर बता ही चुके हैं लकवे में शरीर का कोई हिस्सा या पूरा शरीर काम करना छोड़ जाता हैं। हकलाना, तुतलाना या बोलने में कोई समस्या आना भी इसके लक्षणों में से है। इसमें मांसपेशिय काबू में नहीं रहती। बॉडी अकड़ जाना और धुंधला दिखाई देना भी इसके कुछ लक्षणों में से हैं।

पैरालिसिस (लकवा) के इलाज के घरेलू नुस्खे और उपाय

  1. लकवे की शिकायत होने पर तुरंत हॉस्पिटल जाकर जांच कराए और जरुरी टेस्ट कराकर पता करे इसके होने का असल कारण क्या हैं।
  2. इसमें Physiotherapy सबसे जरुरी है। लकवे का इलाज करने में इसका अहम योगदान रहता हैं। किसी अच्छे Physiotherapist से मिले और उसकी देख रेख में एक्सरसाइज नियमित रूप से करे।
  3. जो भी शरीर के अंग लकवाग्रस्त है उन्हें हिलाने की कौशिश हमेशा करते रहे।
  4. फालिश मार जाने पर पीड़ित को भाप स्नान लेना चाहिए और धुप में रोजाना कुछ समय जरुर बैठे। इससे लकवा ठीक होने में काफी मदद मिलती हैं।
  5. बॉडी के जिस हिस्से में लकवा हुआ है उस पर खजूर के गुदा से मालिश करने से लाभ होता हैं।
  6. लकवे में सरसों के तेल से प्रभावित अंगो की मालिश भी काफी लाभदायक होती है।
  7. पैरालिसिस के उपचार में लह्सुन का घरेलू नुस्खा काफी असरदार होता हैं। 5-6 लह्सुन की कली पीसकर उसमे 2 चमच्च शहद की मिलकर 2 महीने तक रोजाना सेवन करे।
  8. लकवा जल्दी ठीक करने में अनोम विलोम योगा काफी मददगार होता हैं। डेली 1 घंटे तक अनोम विलोम करे और असर पीड़ित खुद महसूस करेंगे।
  9. ठंडी चीजो से परहेज़ करे और ऐसे चीजे खाए जो खून के संचार को तेज़ करे।
  10. लकवा होने पर अकारकर की जड़ो को पीसकर उसका गाढ़ा पेस्ट बनाए और उसमे महुआ का तेल मिलाकर उससे दिन में 2 बार प्रभावित अंगो की मसाज़ करे।

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