कब्ज का रामबाण इलाज के 10 सफल घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक दवा

पुरानी कब्ज़ कैसे दूर करे : अनियमित और अनुचित खानपान से पेट की कई बीमारिया हो सकती है। जिनमे कब्ज़ होना एक आम समस्या है कब्ज़ होने के जिम्मेदार भी हम खुद है। हमारी आधुनिक जीवनशैली जिसमे हम घर के खाने के बजाय जंक फ़ूड को प्राथमिकता देते है। Kabz से पीड़ित को पेट में एसिडिटी, गैस, फुलाव जैसे कई और पाचन संबधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर हम कब्ज़ के लक्षणों के बारे में बात करे तो इसमें मल काफी सख्त हो जाता है जिससे मल त्यागने के समय काफी दिक्कत आती है लेटरिंग करते समय दर्द और खून आना जैसे शिकायत भी हो सकती है। इसके अलावा भूख ना लगना, सिर में दर्द, काम में मन ना लगना, चिड़चिड़ापन, जी मिचलाना उल्टिया कुछ और लक्षणों में से है। चलिए आज हम जानते है कब्ज़ का रामबाण इलाज के घरेलू नुस्खे आयुर्वेदिक दवा और उपाय : Qabz (Kabj) ka ilaj in Hindi.

 

हाल ही में किये गए एक सर्वे के अनुसार भारत में लगभग 14% शहरी पुरानी कब्ज  से पीड़ित है। इसे अंग्रजी में कॉन्स्टिपेशन (Constipation) भी कहा जाता है। कब्ज का इलाज जितनी जल्दी हो जाए बेहतर है नहीं तो आगे चलकर ये बवासीर का भी रूप ले सकता है जो काफी पीड़ादायक होता है। वैसे तो बाज़ार में पेट साफ़ करने की दवाई, चूर्ण उपलब्ध है। पर कुछ लोगो को उनसे स्थायी रूप से आराम नहीं होता जो आगे चलकर पुरानी कब्ज़ का रूप ले लेती है जिसका उपचार करना आसान नहीं होता। आज हम इस लेख में ऐसे ही कुछ घरेलु नुस्खे के बारे में जानेंगे जिससे हम इस रोग से छुटकारा पा सकेंगे।

कब्ज का रामबाण इलाज के घरेलू नुस्खे आयुर्वेदिक दवा kabj qabz ka ilaj in hindi

कब्जी बनने के कारण: Constipation Causes in Hindi

  • वसा युक्त खाना, शराब का सेवन और चाय कॉफी कुछ ऐसे खानो में से है जो Constipation को जन्म देते है।
  • तरल पदार्थ का सेवन काफी कम करना। जो लोग पानी काम पीते है उनको Kabz ज्यादा रहता है।
  • एक्सरसाइज या शारीरिक गतिविधिया कम करने से पाचन क्रिया धीमी होती है। इसलिए जो लोग एक जगह बैठते है और कोई शरीरिक व्यायाम भी नहीं करते उन्हें कब्ज़ ज्यादा बनता है।
  • ऐसे दवाइयों खाना जिनमे कैल्शियम और एलुमिनियम होता है।
  • पाचन तंत्र का कोई रोग होना या पाचन शक्ति कमज़ोर होना।
  • पेट की मांशपेशियां कमज़ोर होना।

देखे: पाचन शक्ति बढ़ाने 7 घरेलू उपाय और दवा

 

पुराणी कब्ज़ का इलाज के घरेलू नुस्खे और उपाय

Kabj (Qabz) ka ilaj ke Upay in Hindi

1. जैतून का तेल

जैतून के तेल के स्वास्थ्य फायदे से हम अनजान नहीं है। और आपको ये जानके शायद थोड़ा आश्चर्य हो की इसे हम कब्ज़ के उपचार में भी उपयोग कर सकते है। ये हमारे पाचन तंत्र को उत्तेजित करता है और साथ में ही हमारी आंतो में खाने को आगे बढ़ाने में मदद करता है जो kabj बनने से रोकता है।

सुबह के समय एक चमच्च जैतून का तेल का सेवन करे।  इसे हम एक निम्बू के रस में मिलकर भी पी सकते है। इस घरेलू नुस्खे के सेवन के लिए हमारा खाली पेट होना जरुरी है। इसलिए सुबह खाली पेट लेना बेहतर है या अगर आप भूल जाते है तो तब ले जब काफी देर पहले तक कुछ भी खाया ना हो।

 

2. अंजीर और बादाम

अंजीर में काफी फाइबर होते है और ये खाना पचाने में काफी फायदेमंद है। विशेषकर जो पुरानी कब्ज़ का इलाज के लिए अंजीर बहुत असरदार है। हम ताज़ी और सूखे दोनों तरह की अंजीर का सेवन कर सकते है। अगर ताज़ी अंजीर है तो उन्हें छिलके समेत ही खाना चाहिए क्योंकि इसके छिलको में ही ज्यादातर फाइबर और कैल्शियम होते है।

इस कब्ज के उपाय के लिए 2-3 बादाम और कुछ सुखी अंजीर पानी में भीगकर कुछ घंटो के लिए रख दे। उसके बाद बादाम के छिलके उतार ले और उन्हें भीगी हुए अंजीर के साथ पीस ले। रात को पेस्ट को एक चमच्च शहद में मिलकर ले। सुबह आप देखोगे की कितने आराम से पेट साफ़ हो जायगा।

 

3. गर्म पानी में शहद

कब्ज़ दूर करने के लिए शहद एक रामबाण उपाय है। रोजाना शहद के सेवन से काफी हद तक Qabz से छुटकारा पाया जा सकता है।

एक गिलास हलके गर्म पानी में एक चमच्च शहद और एक चमच निम्बू रस की मिलाये। इसे डेली सुबह खाली पेट पिए।

 

4. सौंफ

कब्ज़ का घरेलू इलाज के लिए सौंफ एक प्रभावी नुस्खा है। सौंफ आंतो में चिकनाई बनाकर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।

एक कटोरी सुखी सौंफ लेकर उन्हें भून ले। इस भुनी हुए सौंफ के इन्हे पीस कर पॉवडरनुमा बना कर किसी बर्तन रख ले। एक गिलास हलके गुनगुने पानी में आधा चमच्च इस पाउडर की मिलकर रोजाना पिए।

 

5. खानपान से कब्ज़ का इलाज

हम अपने खाने पीने पर ध्यान देकर पुराणी कब्ज़ से निजात पा सकते है। अमरुद और पपीता ऐसे फल है जो फाइबर से भरपूर होते है जिनसे हमारा हाज़मा सही होता है। इसलिए जिनको ये समस्या है वो इन फलो को खाना शुरू कर दे। इसके अलावा गुड़ खाना भी हमारे पेट के लिए काफी फायदेमंद है। रात को सोने से पहले गुड़ खाने से kabj के साथ पेट में गैस, एसिडिटी में भी आराम मिलता है।

कब्ज बनने का सबसे बड़ा कारण होता है आंतो में खुस्की आना और पानी कम पीना इसकी एक प्रमुख वजह होती है। जिन लोगो को कब्ज़ की शिकायत है उन्हें दिन में 3 से 4 पानी पीना चाहिए।

 

कब्ज का आयुर्वेदिक इलाज की दवा (मेडिसिन)

कब्ज़ का घरेलू इलाज के लिए आयुर्वेदिक दवा काफी कारगर है। बाबा रामदेव पतंजलि का दिव्य त्रिफला चूर्ण कब्ज की एक रामबाण दवा है। ये हर्बल चूर्ण एक प्रकतिक औषधि है जो पुराने kabz को तोड़ कर पेट साफ़ करने में मदद करता है।

कब्ज़ का घरेलू उपचार में ईसबगोल भी काफी फायदेमंद है। रात को सोते समय एक गिलास गर्म दूध में 2 चमच्च ईसबगोल की भूसी मिलकर पिए। ईसबगोल आपको किसी भी मेडिकल स्टोर से मिल जायगा।

 

योग से कब्ज कैसे दूर करे : Yoga for Constipation

जैसा की हमने ऊपर बताया फिजिकल एक्टिविटीज कम करना कब्ज़ होने की एक बड़ी वजह है। हम सभी को पता है योगा के कितने फायदे है कॉन्स्टिपेशन ट्रीटमेंट के लिए भी योगा करना उतना ही फायदेमंद है। खासकर जो लोग शारीरिक रूप या अधेड़ उम्र के है उनके लिए एक्सरसाइज करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। कब्ज़ तोड़ने के लिए बद्ध कोणासन, धनुरासन और अनोल विलोम करे। ये योग करने के लिए आप Youtube पर बाबा रामदेव की योग वीडियो देख सकते है।

 

कब्ज से बचने के उपाय : Kabjiyat ke Upay

  • भीगे हुए मेथी के बीज सोने से पहले खाने से कब्ज़ में फायदा होता है।
  • फाइबर से भरपूर खानो और फलो को ज्यादा खाये।
  • कब्ज़ ठीक करने के लिए रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध पिए।
  • सफ़ेद ब्रेड, पास्ता, पिज़्ज़ा और सफ़ेद चावल खाने से परहेज रखे।
  • गर्म दूध में एक चमच्च अरंडी का तेल मिलकर पीने से भी कब्ज का सफल इलाज संभव है।

 

मित्रो इस पोस्ट कब्ज का रामबाण इलाज के घरेलू उपाय व आयुर्वेदिक दवा? के बारे में अपनी राय जरुर लिखे। अगर आपके पास कोई और ‘Kabj (Qabz) ka ilaj ke Upay‘ है तो वो भी शेयर करे।

2 Comments

  1. Magenta sharma
  2. Kamal Kishor saradhana

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