कान दर्द से तुरंत छुटकारा पाने के 6 सफल घरेलू नुस्खे और दवा

Kaan Dard ka ilaj in Hindi : कान हमारे शरीर का एक अहम अंग होने के साथ काफी सवेदनशील भी होता है इसलिए कान का विशेष ख्याल रखना जरुरी होता हैं। कान का दर्द काफी पीड़ादायक होता हैं जो हमें करहाने पर मजबूर कर देता हैं। और जब ये दर्द बढ़ जाए तो इससे आँख, सिर और जबड़े में भी दर्द शुरू हो जाता हैं। दर्द के साथ कान बहना, पीप आना, सूनापन जैसे समस्याओ का भी सामना कर पढ़ सकता हैं। कान में इन्फेक्शन और वहा पर तरल का निर्माण होना दर्द का प्रमुख कारण होता है और जब इन्फेक्शन बढ़ जाए तो कान के बीच के हिस्से में सूजन भी आ जाती है। बड़ो के मुकाबले में बच्चो के कान में दर्द ज्यादा होता हैं। अमरीका में की गयी एक स्टडी के अनुसार कान दर्द के उपचार के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग सही नहीं होता क्योंकि ऐसे मेडिसिन के ज्यादा सेवन से एंटीबायोटिक प्रतिरोधी इन्फेक्शन होने लग जाता हैं। पर घबराइए मत हम अपने घर पर ही कुछ घरेलू नुस्खे से कान दर्द का इलाज कर सकते है।

बच्चो के कान में दर्द

बच्चो के कान में दर्द होना एक आम बच्चो की समस्या हैं। डॉक्टर्स का कहना है हर 4 में से 3 बच्चो के कान में संक्रमण होता हैं जिससे कान में एक तरल इकठ्ठा होना शुरू हो जाता है। जिन बच्चो के काम में दर्द होता है वो ज्यादा रोते है और बार बार कान को रगड़ते है इसके अलावा रात को नींद ना आना, कम सुनना और बुखार जैसे कान में इन्फेक्शन होने के कुछ और लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

कान का दर्द के कारण : Ear Pain Causes in Hindi

कान के भीतरी, बाहरी या बीच में किसी भी हिस्से में दर्द हो सकता हैं। चलिए आगे कुछ ऐसे कान दर्द के आम कारण जानते हैं।

  • कान में संक्रमण (infection) होना
  • कान में मक्खी मच्छर या कोई कीड़ा घुस जाना
  • नहाते समय कान में पानी, साबुन या शेम्पू चला जाना
  • कान में किसी तरह की चोट लग जाना
  • हवा का ज्यादा दबाव कान पर पड़ना
  • सर्दी जुकाम या एलर्जी होना
  • दांत में दर्द होना भी इसका एक कारण हो सकता हैं।

कान दर्द का इलाज : Kaan Dard ka ilaj Dawa in Hindi

कान में दर्द के घरेलू उपचार : Kaan Dard ke Upay in Hindi

1. जैतून का तेल (Olive oil for ear Pain)

तेज़ कान दर्द से जल्दी छुटकारा पाने के लिए जैतून का तेल एक रामबाण उपाय है। इस तेल से कान में जरुरी चिकनाई मिलती है जिससे कान का इन्फेक्शन ख़त्म होता है। कान में सूनापन और झनझनाहट को ख़त्म करने में भी जैतून तेल से मदद मिलती हैं।

  • ये होम रेमेडी बड़ी ही आसान है जैतून के तेल को हल्का गर्म करे और उसकी 4-5 बूंदे कान में डाले। ये नुस्खा करने के दूसरा आसान तरीका है एक रुई का टुकड़ा तेल में डुबाए और उसे कान पर लगा के रखे। अगर आपके घर में जैतून का तेल नहीं है तो आप सरसों का तेल भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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2. लह्सुन से इन्फेक्शन का इलाज

लह्सुन में एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुण होते है जिनकी वजह से कान दर्द के इलाज के लिए लह्सुन को एक प्रभावी आयुर्वेदिक दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है।

  • लह्सुन के 2 कलिया ले और उनपे दबाव डालकर पेस्ट बना ले और उसमे 2 चमच्च सरसों का तेल मिलाए। अब इस मिश्रण को गर्म करे जब तक लह्सुन का रंग भूरा ना हो जाए। अब इसे थोडा ठंडा होने के बाद इसकी कुछ बुँदे कान में डाले। कुछ ही समय में आपको कान दर्द में राहत महसूस होने लगेगी।

3. प्याज़ का रस

महंगी कान दर्द की दवा की जगह आप अपने घर में आसानी से उपलब्ध प्याज़ से भी इस पीड़ादायक समस्या से निजात पा सकते है। प्याज़ स्वाभाव में जीवाणुरोधी और एंटीसेप्टिक होता है जिससे कान दर्द जल्दी ठीक होने में मदद मिलती हैं।

  • एक साफ़ प्याज़ का टुकड़ा ले और उससे रस निकल ले। इस रस को धीमी आग में हल्का गर्म करे। अब इस हलके गर्म प्याज़ के रस की 2-3 बुँदे कान में डाले। ऐसा आप दिन में 2 बार सुबह शाम करे।

4. पुदीने का तेल

कान के दर्द के घरेलू इलाज के लिए पुदीना एक असरदार होम रेमेडी हो सकती है। पुदीने के पत्तिया या पुदीने का तेल दोनों को हम ये घरेलू नुस्खे के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आगे हम इन दोनों तरीको के बारे में बात करेंगे।

  • पहला तरीका है कुछ पुदीने की ताज़ा पत्तियों का जूस निकाले और इस रस की कुछ बूंदे कान में डाले। दूसरा तरीका है रुई को पुदीने के तेल में बिगोए और उससे कान के बाहरी तरफ कुछ समय के लिए रखे। ध्यान रहे पुदीने का तेल कान के अंदर ना जाने पाए।


5. नमक से उपचार

नमक से कान दर्द ठीक किया जा सकता है ये सुनकर आपको शायद थोडा अजीब लगे, पर ये बिलकुल सही हैं। कान में सूजन और तरल को सोक कर बाहर निकलने में नमक मदद करता हैं।

  • आपको बस नमक को हलकी आंच पर थोडा गर्म करना है और रुई के एक छोटे टुकड़े पर हल्का गर्म नमक रखे। और इस रुई को 10 मिनट के लिए कान पर रखे।

 

कान दर्द की दवा : kan ke dard ki dawa in Hindi

आम तौर पर जब भी किसी को कान में दर्द होता है हम कोई न कोई pain killer दवा के रूप में ले लेते हैं। पर अगर डॉक्टर की माने तो बार बार ऐसे कान दर्द की टेबलेट खाना सही नहीं हैं। लम्बे समय तक ऐसा दवा के सेवन से उनका असर होना कम हो जाता हैं। इसलिए ऐसे मेडिसिन के बजाय हम आयुर्वेदिक नुस्खे को दवा के रूप में ले सकते हैं।

ये कान दर्द का आयुर्वेदिक नुस्खा हम बील (bael) के पेड़ की जड़ो से बनाएँगे। बील के पेड़ की सख्त जड़ का एक हिस्सा ले और उसे नीम के तेल में कुछ देर के लिए डुबोए। अब इस भीगे हुए बील की जड़ो से निकले तेल की 2-3 बुँदे कान में डाले। इससे आपको कान में होने वाले इन्फेक्शन और दर्द से तुरंत आराम मिल जायगा।

प्रिय दोस्तों हमारे इस लेख कान दर्द का इलाज : Kaan Dard ka ilaj Dawa in Hindi? को लेकर अपने सवाल आप निचे कमेंट में लिखकर पूछ सकते हैं।

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