एचआईवी टेस्ट की कीमत प्रकार और प्रक्रिया: HIV Aids Test in Hindi

HIV Test की जानकारी  : एड्स एक ऐसे जानलेवा बीमारी है जिसका नाम सुनकर ही घबराहट होने लगती हैं। दुनिया में रोजाना हजारो लोग इस बीमारी के कारन दम तौड़ देते हैं। महिलाओ और पुरुषो दोनों को एड्स हो सकता हैं।  एचआईवी एक ऐसा वायरस है जो एड्स को जन्म देता हैं। एचआईवी इन्फेक्शन के आखिर की स्टेज को एड्स कहते हैं। अगर समय पर पता न लगे और कोई इलाज ना चले तो HIV Infection से Aids तक पहुचने में 5-10 साल लगता हैं। अगर समय पर HIV Test से इन्फेक्शन पता लग जाए तो कुछ दवाइयों और सावधानियो से इस समय को और बढाया जा सकता हैं। इसलिए आपको थोडा भी संदेह है की आप एचआईवी संक्रमित हो सकते हैं या कोई HIV का लक्षण दिखाई दे रहा है तो बिना समय गवाए तुरंत एचआईवी टेस्ट करा लेना चाहिए। आज हम एचआईवी टेस्ट के प्रकार, कीमत, परीक्षण और अन्य सभी जानकारी बताएँगे।

भारत में कई ऐसे मेडिकल संस्थान है जहा से आप hiv test कराकर जान सकते हैं की आपको एचआईवी है या नहीं। जो दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर, कोलकाता, हैदराबाद जैसे बड़े शहरो के अलावा छोटे कस्बो में भी हैं। इसके लिए कई प्रकार के टेस्ट होते हैं जिनके बारे में आगे बात करेंगे। सभी टेस्ट हामरी रोग प्रतिरोधक अक्षमता यानी इम्युनिटी पर आधारित होते हैं। क्योंकि ऐसा इसलिए होता है जब एचआईवी होता हैं तब हमारी इम्यून कोशिकाए एचआईवी से लड़ने के लिए शरीर में एंटीबॉडी बनाना चालू कर देती हैं इसलिए एचआईवी का पता लगाने के लिए किये गए टेस्ट में देखा जाता हैं  या तो बॉडी में एंटीजन की मौजूदगी हो या फिर एंटीबॉडी की उपस्थिति हो। उन्ही के आधार पर ये निर्धारित किया हैं हैं की कोई भी HIV Positive है या Negative.

एचआईवी टेस्ट की कीमत प्रकार: HIV Aids Test in Hindi

HIV Aids Test in Hindi

किन महिलाओ और पुरुषो को HIV Test करना चाहिए

  • जिन्होंने बिना किसी सुरक्षा के कई पार्टनर के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाए हो।
  • 1978 से 1985 के समय के बीच में जिन्होंने खून लिया हैं उन्हें ये टेस्ट करना चाहिए।
  • जिन्हें पहले से कोई यौन रोग हों।
  • किसी ऐसे लड़के या लड़की से संबंध बनाए हो जो पहले से HIV Infected हैं या जिसको संदेह है होने का।
  • पहले से किसी पर इस्तेमाल की गयी सुई से टीका (Injection) लगवाने पर।
  • Hepatitis या  Tuberculosis (टीबी) के रोगी को भी एचआईवी जांच जरुर करानी चाहिए।

जाने : HIV Aids के शुरूआती लक्षण

 

एचआईवी टेस्ट कितने प्रकार का होता हैं: HIV Types in Hindi

एचआईवी वायरस की जांच के लिए किये जाने वाले टेस्ट एंटीबॉडी और एंटीजन के होने का पता लगाते हैं उसी से सुनिश्चित किया जाता हैं की एचआईवी इन्फेक्टेड है या नहीं।

 

एंटीबॉडी के आधार पर किये जाने वाले एचआईवी टेस्ट

1 . एलिसा टेस्ट : एचआईवी परीक्षण के लिए Elisa test किया जाता हैं इस टेस्ट से हम और दुसरे टेस्ट के मुकाबले सबसे जल्दी एचआईवी का पता लगा सकते हैं। जिसमे शरीर में HIV 1 और HIV 2 वायरस के लिए बने एंटीबॉडी की उपस्थिति का पता लगाया जाता हैं। अगर ऐसे एंटीबॉडी है तो मतलब एचआईवी हैं अगर नहीं है तो रिजल्ट नेगेटिव आयगा।

अगर इस टेस्ट से रिजल्ट पॉजिटिव आये यानी एचआईवी हो निचे दिए गए 2 और टेस्ट किये जाते हैं जिनके आधार पर आगे का इलाज किया जा सकता हैं।

  • एंटीबॉडी डिफ्रेंटिएशन टेस्ट : इस टेस्ट में HIV 1 और HIV 2 दोनों को अलग किया जाता हैं। इसमें एचआईवी -1 न्यूक्लिक एसिड टेस्ट से HIV 1 वायरस की जांच की जाती हैं।
  • वेस्टर्न ब्लॉट टेस्ट : एलिसा टेस्ट में एचआईवी होने पर वेस्टर्न ब्लॉट टेस्ट से इम्यून सिस्टम में एंटीबाडी के होने का पता लगाया जाता हैं।इस टेस्ट से एलिसा टेस्ट के आये पॉजिटिव परिणाम की पुष्टि की जाती हैं।

एलिसा टेस्ट के साथ बाद के किये गए दोनों टेस्ट करने में कुल खर्चा (कीमत) लगभग 2500 रुपय आता हैं।

 

एचआईवी एंटीजन की उपस्थिति के आधार पर HIV Test

2. पीसीआर टेस्ट : पीसीआर टेस्ट में एंटीबाडी के बजाय बॉडी में वायरल लोड (एचआईवी वायरस) की जाँच होती हैं। इस टेस्ट से इन्फेक्शन फैलने के 9 दिन बाद से ही एचआईवी होने के पता लगाया जा सकता हैं दूसरे एचआईवी टेस्ट के मुकाबले पीसीआर टेस्ट ज्यादा सवेदनशील होता हैं। इस टेस्ट का इस्तेमाल बच्चो में एचआईवी होने का पता लगाने के लिए किया जाता हैं। पीसीआर टेस्ट में आपको एलिसा टेस्ट से ज्यादा पैसे देने होंगे। इस टेस्ट में लगभग 4000 रूपए तक खर्च होते हैं।

3. एंटीजन p24 परिक्षण : इस टेस्ट में एलिसा टेस्ट की मदद से p24 एंटीजन की उपस्थिति का पता लगाया जाता हैं। इस टेस्ट के परिणाम काफी सही होते हैं। p24 असल में एक प्रोटीन एंटीजन होता हैं जो वायरस की उपरी सतह पर होता हैं जिसके लिए बॉडी hiv इन्फेक्शन की शुरूआती स्टेज में एंटीबाडी बनाती हैं।

 

महिलाओ की प्रेगनेंसी में एचआईवी टेस्ट

अगर किसी महिला को एचआईवी है तो उससे जन्म लेने वाले बच्चे को भी एचआईवी इन्फेक्शन होने के काफी सम्भावना होती हैं। अगर प्रेग्नेंट महिला के एचआईवी होने का पहले से पता चल जाए तो कुछ प्रारम्भिक एचआईवी के इलाज से बच्चे के सक्रमित होने की सम्भावना को काफी हद तक कम किया जा सकता हैं। डिलीवरी के समय माँ के खून के सम्पर्क में आने से भी बच्चे को एचआईवी हो सकता हैं और कुछ हद तक माँ के दूध के जरिये भी इसके वायरस बच्चे के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

 

HIV Test कैसे किया जाता हैं?

एचआईवी टेस्ट करने के लिए परीक्षण विशेषग के द्वारा टेस्ट कराने वाले का खून, थूक या मूत्र लिया जाता हैं। उसी के आधार पर लैप में टेस्ट किया जाता हैं। Hiv Aids एक ऐसा रोग हैं जिसके बारे में ज्यादातर लोग सावर्जनिक तौर पर बात नहीं करना चाहते हैं। इसके लिए हम गुप्त रूप से भी ये टेस्ट करा सकते हैं जिसमे आपका नाम और अन्य जानकारी गुप्त रखी जायगी।

जब भी आपको एचआईवी होने का संदेह हो उसके लगभग 28 दिन बाद आपको एचआईवी टेस्ट करा लेना चाहिए। अगर शुरूआती 3 महीने में किये गए टेस्ट में परिणाम नकारात्मक आये हैं तो उसके पुष्टि के लिए अगले 3 महीने बाद फिर से एक बार HIV Test कराना चाहिए। अगर उसके बाद भी रिजल्ट नेगेटिव आये तो शायद आप एचआईवी संक्रमित नहीं हुए हैं।

 

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