हिचकी का इलाज और Hichki रोकने के 7 आसान उपाय इन हिंदी

हिचकी रोकने के उपाय इन हिंदी : हिचकी जिसे इंग्लिश में Hiccups कहते है कई बार परेशानी का सबब बन जाता है। हिचकी किसी भी समय आना शुरू हो जाती है और फिर जल्दी से रूकती नहीं है। मेडिकल भाषा में अगर हम इसे समझाए तो जब डायाफ्राम और पसलियों के आस पास की मांशपेशियो में सुकड़न होती है तब हिचकी आना शुरू होती है। भोजन निगलने में जल्दबाज़ी करना और ज्यादा हवा को निगलना इसके प्रमुख कारण माने जाते है। हिचकी आना कोई ज्यादा चिंता वाली बात नहीं होती क्योंकि इसके कोई नुकसान नहीं होते। पर कुछ लोगो के लिए ये शर्मिंदगी का कारण बन जाती है। ज्यादातर मामलो में हिचकी बिना किसी इलाज के ही रुक जाती है। हिचकी रोकने के लिए हम कई तरह के घरेलू उपाय करते है जिसमे पानी पीना एक है। आगे आज इस लेख में हम बताने जा रहे है बार बार हिचकी आने के कारण और घरेलू इलाज : Hichki ka ilaj in Hindi.

हिचकी का इलाज व रोकने के उपाय इन हिंदी  Hichki (Hiccups) ka ilaj

लगातार हिचकी आने के कारण : Hiccups causes in Hindi

  • भूख से ज्यादा खा लेना
  • खाना खाने में जल्दबाज़ी करना।
  • काफी ज्यादा हवा एकदम से अंदर आना, ये जब हम सांस लेते समय ज्यादा हवा खीचने पर होता है। जो छोड़ी गयी हवा से ज्यादा हो।
  • शराब ज्यादा पी लेना
  • कुछ अधिक गरम या ठंडा खाना जिससे आपके शरीर का तापमान बढ़ जाए
  • धुम्रपान करना
  • कार्बोनेटेड युक्त तरल पदार्थ का सेवन करना।
  • चिंता, डर , उत्तेजना और तनाव जैसे भाव के समय हिचकी आने की संभावना ज्यादा होती है।

 

हिचकी का इलाज व रोकने के उपाय इन हिंदी

Hichki (Hiccups) ka ilaj ki Home Remedies in Hindi

किसी को हिचकी कुछ मिनटों में ही रुक जाती है और कुछ लोगो को लगातार काफी समय तक नहीं रूकती। और इसके वजह से उन्हें कई बार छाती, गले या पेट में भी तेज़ खिचाव महसूस होने लगता है। निचे दिए गए कुछ उपाय से हम हिचकी का घरेलू उपचार कर पाएंगे।

1. हिचकी रोकने के लिए जो सबसे प्रभावी और आसान तरीका होता है वो है सांस लेने के द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढाया जाये।  इसके लिए आपको अपने मुह का हाथ से ढकना है और सांस लेनी है इससे कार्बन डाइऑक्साइड ज्यादा ली जायगी और आपके हिचकी रुक जायगी।

 

2. जब आपको कभी हिचकी आती है तो आपने अपने परिजनों या किसी दोस्त से सुना होगा की तुरंत पानी पी लो। ये बिलकुल सही है अगर अगर हम इस घरेलू नुस्खे को सही तरीके से करे तो तुरंत हिचकी बंद कर सकते है।

  • जब भी आपको हिचकी आये तो एक गिलास ठन्डे पानी में थोडा शहद डालकर पी ले।

 

3. हिचकी का इलाज के लिए हम शहद और अरंडी के तेल से तैयार आयुर्वेदिक नुस्खा काफी असरदार है। जब लगातार हिचकी आ रही हो और रुक ही ना रही हो तब ये उपाय करे।

  • एक चमच्च शहद और एक चमच्च अरंडी का तेल मिलाये और अपने ऊँगली उसमे डुबाए और उसे चाटे। ये आपको 2-3 बार करना है।

 

4. बच्चो को हिचकिया आना आम बात है उन्हें रोकने के लिए हम शुगर का उपयोग कर सकते है। उपर बताई गए नुस्खे शायद बच्चे ना कर पाए इसलिए आप ये आसान उपाय करे।

  • इसके लिए एक चमच्च में चीनी ले और बच्चे के मुह में चीनी डाले और उससे कुछ समय तक बिना चबाये घुलने दे। 5-10 सेकंड बाद पानी पी ले, बच्चे की हिचकी बंद हो जायगी।

 

5. जब भी आपको हिचकी आये अपने एक हाथ की हथेली और दुसरे हाथ के अंगूठे से दबाए और ठीक ऐसा दुसरे हाथ पर भी दोहराए। इससे हमारी मस्तिस्क में सन्देश जायेंगे जो हिचकी के इलाज में मदद करेंगे।

 

6. पुराने समय से हिचकी ठीक करने के लिए मूंगफली का मक्खन का सेवन किया जाता रहा है। मक्खन स्वभाव में चिकना होता है इसलिए जब हम इसे निगलते है तो ये हमारी सांस लेने की प्रक्रिया में बाधा उत्पन करता है जिससे Hiccups बंद हो जाती है।

  • इस दादी माँ के नुस्खे के लिए एक चमच्च मूंगफली का मक्खन मुह में कुछ देर रखे और फिर उसे बिना चबाये निगल ले। अगर मूंगफली का मक्खन नहीं है तो साधारण मक्खन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

7. हीचकी कुछ समय बाद भी नहीं रुक रही तो निम्बू का सेवन से रोका जा सकता है। निम्बू स्वाद में खट्टा होता है जिससे जो हमारी तंत्रिकाओ पर असर डालता है जिससे हिचकिय बंद हो जाती है।

  • आधा चमच्च निम्बू का रस मुह में कुछ देर रखे और आप देखोगे की हिचकिया बंद हो गयी। इसके अलावा एक गिलास पानी में एक निम्बू निचौड़ कर भी पी सकते है।

जाने : बाबा रामदेव आयुर्वेदिक उपचार की दवाइयाँ

दोस्तों देखा कितना आसान है हिचकी रोकने के उपाय : Hichki ka ilaj in Hindi? अगर आपके कोई सवाल है इस लेख के बारे में तो पूछ सकते है। और अगर किसी पाठक ने कोई और घरेलू नुस्खा पता हो जिससे उसकी हिचकिय ठीक हुई है तो वो भी शेयर जरूर करे।

loading...

Leave a Reply

error: Content is protected !!