हर्निया के लक्षण और बिना ऑपरेशन के हर्निया का इलाज के देसी नुस्खे

हर्निया के लक्षण और इलाज इन हिंदी: हर्निया काफी पीड़ादायक और बढ़ने पर जानलेवा रोग हो सकता है। इसमें हमारी पेट की दीवार कमज़ोर हो जाती है तो पेट का कोई हिस्सा या माशपेशिया बहार की और निकल जाती है। ये बीमारी ज्यादातर पेट में ही होती है पर कुछ मामलो में हर्निया पेट और जांघ की जुड़ने वाले भाग, सुंडी या गले के किसी हिस्से में भी हो सकती है। इस रोग की गंभीरता का अंदाज़ा इससे लगा सकते है की जब ये बढ़ जाए तो डॉक्टर हर्निया का ऑपरेशन कराने के लिए बोल देते है। इसलिए समय रहते इसका ट्रीटमेंट कराना जरुरी बन जाता है वो चाहे हर्निया का होम्योपैथिक इलाज हो या आयुर्वेदिक उपचार। हम अगर इसके लक्षण पहचान कर कुछ सावधानी बरतते हुए हर्निया की दवा के साथ कुछ घरेलू नुस्खे करे तो भी इस रोग से छुटकारा पाया जा सकता है। चलिए जानते है हर्निया के लक्षण और उपचार के उपाय : Hernia ke lakshan in hindi aur Gharelu ilaj in Hindi.

हर्निया के लक्षणआयुर्वेदिक देसी इलाज Hernia ka lakshan operation in Hindi

हर्निया के लक्षण : Hernia ke lakshan in Hindi

हर्निया का इलाज करने से पहले इसके लक्षणों को जानना काफी जरुरी है। अगर आपको निचे बताये लक्षण दिखाई दे रहे है तो डॉक्टर के पास जाकर सुनिश्चित करे की आपको ये बीमारी है या नहीं तभी इसके आगे का ट्रीटमेंट शुरू करे।

  1. पेट या गले में किसी जगह त्वचा का उभरा होना (सूजन जैसे लगना)
  2. खांसते या कुछ सामान उठाते हुए पेट में दर्द होना।
  3. पेट के किसी हिस्से में भारीपन थकान या दबाव महसूस होना हर्निया के लक्षणों  में से है।
  4. छाती में जलन और दर्द होना।
  5. खाने के समय खाना निगलने में भी दर्द होना।
  6. भर पेट भोजन करने के बाद थकान और पेट दर्द महसूस होना।
  7. कब्ज़ और मल के साथ खून आना।

 

हर्निया रोग 50 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषो और महिलाओ को ज्यादा होता है। हर्निया होने का प्रमुख कारण पेट की दीवार के किसी हिस्से का कमज़ोर हो जाना है और भारी वजन उठाना, अधिक धूम्रपान और जीवन में ज्यादा टेंशन इसे और गंभीर कर देती है इसलिए इनसे परहेज करे।

 

हर्निया का आयुर्वेदिक देसी इलाज: Hernia ka gharelu ilaj in Hindi

हर्निया ट्रीटमेंट के लिए अधिकतर मामलो में सर्जरी (Operation) करना ही जरुरी बन जाता है पर अगर हर्निया ज्यादा नहीं है तो कुछ घरेलू नुस्खे भी आपको इससे छुटकारा दिला सकते है। आप अपने डॉक्टर की सलाह से दवा (medicine) के साथ निचे दिए उपाय करेंगे तो इलाज जल्दी किया जा सकता है।

1. हर्निया के लक्षणों को कम करने के लिए सेब का सिरका एक असरदार उपाय है। इस रोग में छाती में जलन और पेट में एसिडिटी होना आम होता है। सेब का सिरका स्वभाव में एसिडिक होता है जिससे ये इन लक्षणों को कम करने में मददगार बन जाता है।

  • भोजन से पहले एक गिलास गर्म पानी में 1-2 चमच्च सेब के सिरके की मिलकर पिए। ध्यान रहे इसे धीरे और घूट कर पीना है। जब भी जलन या एसिडिटी महसूस हो ये होम रेमेडी करे।

 

2. जब पेट में दर्द सूजन या किसी समस्या के इलाज की बात करे तो अदरक एक रामबाण औषधि है। जिन लोगो को हर्निया का दर्द होता है उन्हें अदरक का सेवन करने को कहा जाता है। अदरक आपके पेट में गैस्ट्रिक जूस बनने से भी रोका है जो इस रोग के दौरान एक बड़ी समस्या होती है।

  • हर्निया का इलाज के लिए अदरक का जूस बनाकर पिए या फिर कच्चे अदरक के टुकड़े चबाये। इससे आपके पेट में भारीपन और दर्द से रहत मिलेगी।

 

3. हर्निया होने पर पेट में सुजन, लालीपन और दर्द होना जैसे समस्याओ से जूझना पड़ता है। और जैसा की हम सबको पता है बर्फ की सिकाई से सूजन और दर्द को कम किया जा सकता है। इसलिए हर्निया की वजह से हुए दर्द और सूजन कम करने के लिए उस जगह की सिकाई करते रहे।

 

4. अलोवेरा को पाचन क्रिया सुधारने और पेट में हाजमे को बेहतर करने के लिए जाना जाता है। और हर्निया में सबसे ज्यादा असर इसी पर पढता है। अलो वेरा के जूस के सेवन से पेट दर्द और सूजन जैसे हर्निया के लक्षण से निजात पायी जा सकती है।

  • हर्निया के आयुर्वेदिक उपचार के लिए खाना खाने से आधा घंटे से पहले एक कप अलो वेरा जूस का सेवन करे। इस उपाय को करते समय सावधानी बरते की जूस बनाने के लिए 2 चमच्च अलोवेरा जेल से ज्यादा उपयोग ना करे नहीं तो दस्त लग सकते है।

 

5. हर्निया में हुए Heartburn से छुटकारा पाने के लिए बेकिंग सोडा के असरदार देसी नुस्खा है। बेकिंग सोडा को एक नेचुरल एंटीसिड माना जाता है जो तेज़ी से जलन को समाप्त करता है।

  • एक गिलास पानी में आधा चमच्च बेकिंग सोडा की मिलाये और तुरंत इसे पी जाए। जब भी ये तकलीफ हो तभी ये उपाय दोहराए। एक बात का ध्यान रहे हाई ब्लड प्रेशर के रोगी इसे ना करे।

 

बिना ऑपरेशन योगा से हर्निया का इलाज

बहुत से लोगो का ये सवाल होता है क्या योगा से हर्निया का इलाज संभव है? और इसका जवाब है अगर हर्निया जायदा न बढ़ा हो तो हर्निया का उपचार योगासन के द्वारा किया जा सकता है। पर अगर ये ज्यादा फ़ैल गया है तो हर्निया का ऑपरेशन करवाना ही होगा।

हर्निया ट्रीटमेंट के लिए योगासन बेल्ट या कपडा बांधकर ही किया जाना चाहिए। उस जगह पर बेल्ट बांधे जहा हर्निया हुआ है। इस रोग से पीड़ित बाबा रामदेव के कपालभाती, प्रणायाम और धनुरासन योगासन करना शुरू करे। इन योग को करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरुर ले तभी इन्हें करे।

 

मित्रो हमारा ये लेख हर्निया के लक्षण और बिना ऑपरेशन के इलाज : Hernia ka gharelu ilaj in Hindi? के बारे में अपने सवाल और सुझाव हमें जरूर भेजे।

2 Comments

  1. kamlesh

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