हकलाने के कारण और इलाज के 10 आसान उपाय और नुस्खे

हकलाने का इलाज और ठीक करने के उपाय : जब बोलते समय रुकावट आती है यानी अटक अटक के बोलने को हकलाना कहते हैं। जो लोग हकलाते है कई बार वो जो बोलना चाहते है वो बोल नहीं पाते और जिसकी वजह से वो रुक-रुक के बोलते हैं। वो किसी एक खास शब्द पर अटक सकते हैं या फिर किसी वाक्य के बीच में। ये बोलने की समस्या बच्चो में आम होते हैं, विशेषकर 3 से 5 साल के बच्चे हकलाते हैं। पर इस उम्र में इससे छुटकारा पाना उतना मुश्किल नहीं होता।

ज्यादतर बच्चो को हकलाहट की प्रॉब्लम आने आप ही उम्र बढ़ने के साथ चली जाती हैं। जिनकी नहीं जाती वो कुछ घरेलू उपाय से हकलाने का इलाज कर सकते हैं। पर अगर बचपन में ये ठीक नहीं हुई तो बड़ा होने पर इसे ठीक करना मुश्किल हो जाता हैं। अगर आप हमसे ये पूछे की हकलाना ट्रीटमेंट के लिए अंग्रेजी दवा (मेडिसिन) का नाम क्या हैं? तो दोस्तों इसे पूरी तारक जड़ से ठीक करने के लिए कोई दवा नहीं हैं। पर ऐसा भी नहीं है की इसका इलाज मुमकिन ही नहीं हैं। कुछ घरेलू उपाय और टिप्स से हकलाहट को काफी हद्द तक खत्म किया जा सकता हैं। स्पीच थेरेपी (Speech therapy) को हकलाना बंद करने में काफी असरदार माना जाता हैं। जिसके बारे में भी आगे हम बताएँगे। तो चलिए शुरू करते हैं हकलाने के कारण, बंद करने के उपाय और नुस्खे : stammering treatment in Hindi.

Haklane ka ilaj, Karan, Gharelu Upay

हकलाने के कारण : Stammering Cause in Hindi

कोई भी हकलाता क्यों हैं? वो कौन से ऐसे कारण हैं जिनसे वो किसी शब्द अटक जाता है और वो उसके मुह से नहीं निकल पता। इसके कारणों का पता लगाने के लिए काफी अध्यन हुए हैं जिससे हकला होने के कुछ कारण सामने निकलकर आये हैं। शारीरिक कारणों के बारे में बात करने से पहले एक बात हम आपको जरुर बताना चाहेंगे की हकलाना शारीरिक से ज्यादा मानसिक समस्या हैं।

  • जीभ और बोलने के लिए आवश्यक दूसरी मांशपेशियों पर दिमाग का पूरा काबू न होना रुक रुक कर बोलने का प्रमुख कारण होता हैं। सही से बिना अटके बोलने के लिए हमारा दिमाग नर्व के लिए रास्ता बनता हैं। इन रास्तो से दिमाग से निकले सिग्नल बड़ी तेज़ी से बिना किसी रुकावट के गुजरने चाहिए। बच्चो में स्टम्मेरिंग की समस्या तब आती है जब ये सिग्नल पहुंचाने वाले रस्ते आपस में ठीक तरह से जुड़े ना हो। उम्र बढ़ने के साथ दिमागी विकास होने पर ज्यादातर बच्चो का हकलाना ठीक हो जाता हैं। पर जब उम्र बढ़ जाये तब इससे छुटकारा पानी काफी मुश्किल भरा काम बन जाता हैं।

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हकलाना ठीक करने के उपाय : Speech therapy & Tips in Hindi

  1. बोलने से पहले रिलैक्स रहे : जब आप बोले उससे पहले कभी भी हकलाने के बारे में मत सोचिए। अपने दिमाग और बॉडी दोनों को अच्छे से शांत करे। रिलैक्स होने के एक आसान उपाय है की अपने बाहों और कंधो को झटके। इसके अलावा बोलने से पहले अपने होंठो को फड़फड़ाए। फिजिकल के साथ मानसिक रूप से भी शांत रहना उतना ही जरुरी हैं। बोलने से पहले ही ये ना सोचे की मैं अब हकलाउंगा। खुद को समझाए की हकलाना कोई इतना बड़ी बात नहीं जिससे मैं रोक पाउ।
  2. स्पीच थैरेपी में एक उपाय जो सांसे ज्यादा असरदार साबित होता हैं वो है शीशे के सामने खड़े होकर बात करना। रोजाना शीशे के सामने खड़े होकर बात करे। ऐसे सोचे की आपके सामने कोई खड़ा है और आप उससे बात कर रहे हैं। इससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और धीरे-धीरे हकलाना ठीक होने लगेगा।
  3. अगर आप किसी एक शब्द पर अटक रहे है तो उसकी जगह किसी दूसरे ऐसे ही शब्द को बोले जिसके मायने वही हो।
  4. एक बात जो आश्चर्यजनक होती है वो है गाना गाते समय हकलाना नहीं आता। वो इसलिए होता हैं क्योंकि गाते समय हम शब्दों को खींचते हैं जिससे एक लय बन जाती हैं और हकलाहट नहीं होती। इसलिए आप भी कौशिश करे बोलते समय थोड़े लय बनाये।
  5. सांस छाती से लेने की बजाय पेट से ले। पेट से सांस लेने से नशो में थकन कम होती हैं जिससे मांसपेशिया रिलैक्स हो जाती हैं। और जितना हम शांत रहेंगे उतना ही हकलाना कम होगा।
  6. अख़बार या किताब जोर जोर से पढ़े। इससे सांस लेने में आने वाली प्रॉब्लम दूर हो जाती हैं। कुछ लोगो को हकलाने के कारन सांस लेने में परेशानी होती हैं। उन्हें ऐसा करने से काफी मदद मिलेगी।

योगा से हकलाने का इलाज (योग विडियो)

हकलाने के इलाज के घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे

1. आंवला

जीभ का मोटा होना हकलाहट का एक बड़ा कारण होता हैं। आंवला चबा चबा कर खाने से जीभ पतली होती हैं जिसे हकलाने का इलाज करने में मदद मिलती हैं। ये घरेलू नुस्खा करना बेहद आसान हैं। एक कच्चा ताज़ा आवला ले और उसे अपनी जीभ पर कुछ समय रखे और फिर उसे चबाकर खाए। आवंला आप सुबह के समय खाए जिससे ज्यादा फायदा होगा। इसे आप लगातार कुछ महीने तक करे।

2. बादाम और कला नमक

हकलाने का इलाज घर पर करने के लिए ये होम रेमेडी काफी कारगर होती हैं। कुछ बादाम और काला नमक पीस ले और इस मिश्रण में थोड़ा पानी और चीनी मिलकर एक पेस्ट बना ले। अब रोजाना थोड़ा पेस्ट अपनी जीभ से चाटे। ये उपाय एक महीने तक करे, आपको हकलाहट में काफी आराम दिखाई देगा। जाने : बादाम के फायदे और खाने का समय

3. ब्राह्मी तेल (Brahmi oil)

ब्राह्मी तेल में कई स्वास्थ्यवर्धक गुण होते हैं जिसकी वजह से इसे कई रोगों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता हैं। ब्राह्मी आयल से सिर की मालिश करने से दिमाग को मजबूती मिलती है और उसके साथ में स्मरण शक्ति भी तेज होती है जिससे हकलाना दूर करने में मदद मिलती हैं। ब्राह्मी तेल को थोडा गर्म करे और हलके हाथो से इस हलके गर्म तेल से सिर की मालिश करे।

4. शहद और नमक

एक चमच्च शहद और एक चमच्च नमक को आपस में अच्छे से मिलाए। सुबह शाम दिन में 2 बार इस मिश्रण को जीभ से चाटे। कुछ ही दिनों में आपको हकलाने की समस्या में आराम मिलेगा।

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