चिकनगुनिया के घरेलू उपचार लक्षण कारण – चिकनगुनिया का इलाज हिंदी में

चिकनगुनिया क्या है:- चिकनगुनिया (chikungunya) मच्छरों से होने वाला एक बुखार है। जिसमे लम्बें समय तक जोडों का दर्द ((joint pain) बना रहता है। इस रोग का अधिक प्रभाव तो 2 से 4 दिन तक रहता है। किंतु जोडों का दर्द महीनों या हफ्तों तक तो बना ही रहता है। यह मानव (human) में एडिज मच्छर के काटने से प्रवेश करता है। इसका संकर्मण ठीक उसी तरह से फैलता है। जिस प्रकार की स्थिति डेंगू बुखार मे होती है, ऐसा ही काफी कुछ लक्षण इसमें भी दिखाई देता है। चिकुनगुनिया अल्फावायरस (alphavirus) के शरीर मे प्रवेश होने के कारण होता है। जो मच्छरों के काटने के दौरान मनुष्यों के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। मच्छर काटने के लगभग बारह दिन में chikungunya के लक्षण दिखने लगते है। इस बुखार को ठीक करने के लिए बहुत से उपयोगी और आसान घरेलू नुस्खे हैं। जिन्हें अपनाकर चिकुनगुनिया से खुद को बचाया जा सकता है। तो आज हम आपको ऐसे ही कुछ चिकनगुनिया के घरेलू उपचार, इलाज और लक्षणों के बारे मे बतायंगे।

चिकनगुनिया के घरेलू उपचार लक्षण कारण - Chikungunya ka ilaj in Hindi

चिकनगुनिया के लक्षण। Chikungunya ke lakshan

चिकनगुनिया में जोड़ों में दर्द (joint pain), सिर मे दर्द (headache), उल्टी (vomating) और जी मिचलाने जेसे लक्षण आसानी से दिखने लग जाते हैं। जबकि कुछ लोगों में मसूड़ों और नाक (nose) से खून भी आने लग जाता है। चिकनगुनिया बुखार को शरीर मे आने के बाद सिर्फ 2 से 4 दिन का समय फैलने मे लगता है। इस रोग के लक्षणों मे 39 डिग्री (102.2 फा) तक का बुखार (fever) और फिर हाथों एवं पैरों पर लाल चकते बन जाना, शरीर के विभिन्न हिस्सों मे पीडा होना जेसे लक्षण शामिल है।

 

चिकनगुनिया के घरेलू उपचार, इलाज – chikungunya ka ilaj upchar in Hindi

चिकनगुनिया के उपचार के लिए बहुत से उपयोगी घरेलू नुस्खे हैं जिन्हें अपनाकर इस बुखार से खुद को बचाया जा सकता है:-

  1. लौंग (laung):- जोड़ो मे दर्द होने पर लहसुन को पीसकर उसमें लौंग का तेल मिलाकर, कपड़े की मदद से जोड़ों (joints) पर बांध दें। इससे चिकनगुनिया के मरीजों को जोड़ों के दर्द से काफी हद तक आराम मिलेगा, और शरीर का तापमान भी नियंत्रित हो जायगा।
  2. अंगूर (grapes):- अंगूर को गाय के दूध को गर्म करके उसके साथ लेने पर चिकुनगुनिया के वायरस मर जाते हैं लेकिन ध्यान रखे की अंगूर से बीज को निकालकर ही इस घरेलू नुस्खे का उपयोग करे यह नुस्खा इस रोग मे बहुत ही फायदेमंद माना जाता है।
  3. लहसुन (lehsun):- लहसुन और अजवायन की फली का उपयोग  चिकनगुनिया का इलाज के लिए बहुत बढ़िया है। चिकनगुनिया में जोड़ों में बहुत अधिक दर्द होता है, ऐसे में शरीर की मालिश किया जाना बेहद आवशयक है। इसके लिए किसी भी तेल में लहसुन और अजवायन की फली को अच्छी तरह से मिलाकर तेल गरम करें और इस तेल से रोगी की दर्द वाली जगह पर मालिश करें।
  4.  तुलसी (tulsi):- तुलसी और अजवायन चिकुनगुनिया के उपचार के लिए कारगर घरेलू औषधि हैं। उपचार के लिए अजवायन, किशमिश, तुलसी (tulsi) और नीम की सूखी पत्तियां (dry leaves) लेकर एक गिलास पानी में उबाल लें। इस को बिना छानें दिन में कम से कम तीन बार पीना चाहिए। तुलसी और उसकी पत्तियों को उबालकर पीने से चिकनगुनिया बुखार मे राहत मिलती है।
  5.  एप्सम साल्ट (Epsom salt);- सबसे पहले एप्सम साल्ट की कुछ मात्रा ले और गरम पानी में डालकर उस पानी से नहाएं। इस पानी में नीम की 2 से 4 पत्तियां भी मिलाएं। ऐसा करने से जोड़ो के दर्द से राहत मिलेगी और बुखार नियंत्रित होगा। यह चिकनगुनिया का एक बहतरीन घरेलू नुस्खा है।
  6. नारियल पानी (nariyal pani):- इस रोग के लिए नारियल पानी पीना एक अच्छा घरेलू उपचार है। नारियल पानी इस बीमारी को पूरी तरह ठीक नहीं करता परन्तु जल्दी से जल्दी रोग को तेजी से सुधारता है। इसका कारण यह है कि नारियल पानी लिवर(liver) से विषैले तत्वों (toxic liquid) की मात्रा को कम करता है, लिवर ही एक ऐसा अंग है जहाँ शरीर में प्रवेश के बाद वायरस लगातार वृद्धि करता है। नारियल पानी इस रोग के उपचार मे बहुत फायदेमंद माना होता है।
  7. संतरा, आँवला, मौसमी, अनानास, पत्तागोभी, पपीता और अमरुद मे विटामिन c की मात्रा अधिक होती हैं जो नुकसानदायक वायरस और बैक्टीरिया (bacteria) को नष्ट कर देता है यह चिकनगुनिया बुखार का उपयोगी घरेलु उपचार है।
  8.  पानी (water):-पानी शरीर से विषैले पदार्थों को पूरी तरह से बाहर निकलता है। चिकनगुनिया होने पर मनुष्य के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसा होने पर अगर आप पर्याप्‍त मात्रा में पानी नहीं पिएंगे तो  निर्जलीकरण की समस्‍या हो सकती है, जो शरीर के  लिए अच्‍छा नहीं होगा।

चिकनगुनिया से बचाव के उपाय – Chikungunya se bachav ke Upay

  • घर से बाहर पूरे कपड़े पहनकर ही जाए
  • अधिक से अधिक पानी का सेवन करे
  • घर मे कही भी पानी इकठ्ठा न होने दे
  • मछर मारने के स्प्रे का इस्तेमाल करे
  • अपने आस पास साफ सफाई का ध्यान रखे

 

चिकनगुनिया से बच्चो को कैसे बचाए

chikungunya रोग मे बच्चों का अच्छे से ख्याल रखें। बच्चो का इम्यून सिस्टम (imunity system) कमजोर होता है, इसलिए बीमारी उन्हें जल्दी ही अपनी लपेट मे ले लेती है। बच्चे खुले में ज्यादा खेलना कूदना पसंद करते हैं इसलिए उन्हें इन्फेक्शन होने और मच्छरों के काटे जाने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।बच्चों को घर से बाहर निकलते समय पूरे कपड़े ही पहनाकर भेजें। मच्छरों के मौसम में बच्चों को निकर व टी-शर्ट बिलकुल भी न पहनाएं।

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योग से चिकनगुनिया बुखार का इलाज (बाबा रामदेव)

बुखार और जोड़ो के तेज दर्द की हालत मे पूरी तरह से आराम करने की सलाह दी जाती है हल्के व्यायाम जेसे की स्ट्रेचिंग, मैडिटेशन द्वारा बुखार और दर्द को योग द्वारा दूर किया जा सकता है। योग करने से आपके शरीर मे प्रतिरोधक शक्ति में लाभ होता है और जोड़ों के दर्द में भी बहुत आराम मिलता है। यह बहुत ही जरुरी है कि आसान और उपयोगी व्यायाम ही किये जाएँ. बाबा रामदेव के शवासन और योग श्वसन इसमें  बहुत ही उपयोगी होते है।

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