कैंसर का आयुर्वेदिक इलाज के 15 देसी नुस्खे और घरेलू उपाय

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कैंसर एक जानलेवा बीमारी है ज्यादातर लोग मानते है की ये एक लाइलाज बीमारी है पर ऐसा पूरी तरह से सही नहीं है. अगर समय रहते कैंसर का पता लगा लिया जाए और सही ये उसके रोकथाम और इलाज किया जाए तो कैंसर का इलाज संभव है. Cencer को हम एक बीमारी नहीं कह सकते. क्योंकि ये 100 प्रकार का होता है. जैसे अगर गले में हो तो गले का कैंसर, मुह में है तो मुख कैंसर और अगर खून में है तो ब्लड कैंसर. ये एक फैलने वाला रोग है जो हमारे शरीर में एक हिस्से से दुसरे हिस्से तक फैलता रहता है जिसे metastasis कहते है. कैंसर का उपचार और लक्षण इस बात पर निर्भर करता है ये किस तरह का है और इसका लेवल क्या है.

कीमोथेरेपी (chemotherapy), सर्जरी, रेडिएशन और स्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशन कुछ ऐसे तरीके है जिनसे कैंसर का ट्रीटमेंट (Treatment) किया जाता है. जिनके काफी साइड इफेक्ट्स भी हो सकते है. आज हम इस लेख में आपको कैंसर का इलाज आयुर्वेदिक देसी नुस्खे और घरेलू उपाय से कैसे करे वो बताएँगे.

कैंसर क्या है ये कैसे होता है : Cancer kya hai

ये रोग हमारी कौशिकाओ (Cells) से शुरू होता है. किसी घाव को भरना हो या हमारे शरीर का बढ़ना हो ये सब कौशिकाओ से ही होता है. जब कोई कौशिक मर जाती है तो हमारी बॉडी नयी का निर्माण करती है. पर कई बार ये प्रक्रिया सही से नहीं होती पाती जिससे नए सेल्स बनाते रहते है बिना किसी जरुरत के, और पुराने सेल्स (कौशिक) भी ख़तम नहीं होते. जिससे उस जगह पर मांस इकठ्ठा हो जाता है जिससे आम भाषा में गाँठ (Tumor) कहते है. ऐसा जरुरी नहीं सब ऐसे गाँठ कैंसर की ही हो. पर जब ये tumor कैंसर का होता है तो उस स्थिति में वो कोशिकाए अपने पास की स्वस्थ कैशिकाओ पर भी प्रभाव डालती है. जिससे वो टूट कर इसको फैलाती है.

Cancer ka ilaj ke Ayurvedic Desi Nuskhe aur Upay

कैंसर क्यों होता है : Cancer hone ke karan

  • शारीरिक गतिविधियां ना करना – एक जगह बैठे रहना भी इस रोग का एक कारण हो सकता है.
  • तम्बाकू, खैनी, पान, मसाला खाना मुह और गले के कैंसर का एक कारण है.
  • शराब और धुम्रपान करना (बीडी सिगरेट पीना)
  • खाने में ज्यादा नमक खाने से पेट का कैंसर होने की सम्भावना बढ़ जाती है.
  • मोटापा और वजन अधिक बढ़ जाना.
  • खाने में रिफाइंड तेल का उपयोग करना.
  • महिलाओ का अपने बच्चो को अपना दूध न पिलाने से ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा रहता है.
  • hepatitis B और hepatitis c से हुए जैसे लम्बे समय तक रहने वाले इन्फेक्शन.

 

कैंसर के लक्षण: Cancer ke Lakshan

1. शरीर के किसी अंग में गाँठ बनना, स्त्रियों में जो सबसे आम होता है वो है ब्रेस्ट कैंसर इसमें स्तन में गांठ बन जाती है.

2. कुछ मामलो में ये पाया गया है की कमर में दर्द होना भी हड्डियों के कैंसर का एक लक्षण है. प्रोस्टेट कैंसर में ये दर्द बाद में कमर के निचले हिस्से और कूल्हे के हड्डियों तक भी पहुच जाता है.

3. मल में खून का आना. हालाँकि मल में खून आने का कारण बवासीर होता है पर ज्यादा समय तक हुआ बवासीर भी कैंसर बन सकता है

4. त्वचा का रंग, आकार या आकृति बदल जाना स्किन कैंसर का के लक्षणों में से है.

5. लम्बे समय तक कब्ज़ या दस्त रहना. अगर आपको ऐसा है तो एक अबर डॉक्टर से जांच जरुर करवा ले.

6. लगातार खांसी रहना फेफेड़े के कैंसर का एक लक्षण हो सकती है खासकर जब खांसी के साथ खूनी बलगम भी आये.

7. अत्यधिक थकान रहना, जब कैंसर के कोशिकाए बॉडी में फैलने लगती है तब काफी ज्यादा थकान महसूस होने लगती है.

कैंसर का इलाज के आयुर्वेदिक देसी नुस्खे और उपाय

Cancer ka Ayurvedic ilaj ke Gharelu Nuskhe Upay in Hindi

ग्रीन टी (Green Tea for Cancer Treatment in Hindi)

ग्रीन टी पीना हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है. इसमें बहुत से ऐसे गुण होते है. जो कैंसर से बचाव और इलाज में मददगार है. ग्रीन टी कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है जिससे इस रोग को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. रोजाना 3 से 4 बार ग्रीन टी का सेवन करे.

 

अदरक (Ginger se Cancer ka ilaj)

अदरक से कैंसर को फैलने से रोकने और इसके होने के खतरे को कम करने में फायदेमंद है. 2007 और 2012 के अध्यन में ये पाया गया की अदरक में गर्भाशय, प्रोस्टेट, फेफड़े (lung), स्तन, स्किन और ब्लड कैंसर से लड़ने की क्षमता होती है. प्रतिदिन 2-3 बार अदरक की चाय पिए और इसके साथ खाने में भी अदरक जरुर डाले.

 

लहसुन (Cancer ka Ayurvedic ilaj Lahsun se)

लहसुन में सल्फर, सेलेनियम, अर्गिनिने जैसे  तत्व पाए जाते है जिनकी वजह से इसे कैंसर का आयुर्वेदिक इलाज  के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. लहसुन कैंसर से हमारा बचाव करने के साथ इसको फैलने से भी रोकता है. खासकर stomach और colorectal cancers में ये काफी फायदेमंद है. इस घातक बीमारी से बचने के लिए लहसुन हम कच्चा या पका कर भी खा सकते है.

 

पालक 

पालक पौषक तत्वों और फाइबर से भरपूर होता है जो एक अच्छा कैंसर का देसी उपचार है. पालक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो मुह, पेट, गले और खून के कैंसर से लड़ने में बहुत प्रभावी है. इसमें पाए जाने वाले विटामिन a, फोलेट, zeaxanthin इस जानलेवा बीमारी से हमारी रक्षा करते है. पालक को सब्जी बना कर खाए और  इसे सलाद और जूस के रूप में भी सेवन करे.

 

सोया (cancer ka desi Upchar Soya se)

कैंसर से बचने के लिए सोया एक चमत्कारी घरेलू उपाय है. सोया ओमेगा 3 और phytonutrients का स्त्रोत है. जो tumor को बढ़ने से रोकने के साथ इसे जड़ से खत्म करने में भी मददगार है. अगर आपको कैंसर के शुरूआती लक्षण दिखे तो इसका सेवन काफी लाभकारी है. इसलिए इस रोग के मरीज को सोयाबीन और सोया को किसी न किसी रूप में जरुर सेवन करे.

 

कैंसर से बचने के उपाय : Cancer se bachav ke Upay aur tarike

  1. सुबह उठ कर व्यायाम और बाबा रामदेव योगा करे.
  2. ज्यादा से जायदा पानी पिए. रोजाना कम से कम 3-5 लीटर पानी का सेवन करे.
  3. तम्बाकू, बीडी , सिगरेट और शराब का सेवन बिलकुल बंद कर दे. जो कैंसर होने के बड़े वजह है.
  4. कैंसर के इलाज बचाव और रोकथाम के लिए हरी सब्ज्यियो को शामिल जरुर करे, उसके साथ फलो का रस भी ले.
  5. खाने में रिफाइंड तेल की वजह सरसों, ओलिव या नारियल तेल का इस्तेमाल करे.
  6. खाने पीने की चीजो में नमक का कम से कम उपयोग करे
  7. टेल हुए और मसालेदार खाने का सेवन कम से कम करे.
  8. कैंसर से बचाव के लिए ड्राई फ्रूट्स खाना भी शुरू करे. बादाम अखरोट और किशमिश का उचित मात्रा में सेवन करे.
  9. पैन किलर (दर्द निवारक) दवा (Medicine) ज्यादा ना खाए.
  10. गर्भाशय और ब्रेस्ट कैंसर (गाँठ) होने से बचने के लिए महिलाओ को गर्भ निरोधक दवाओ का इस्तेमाल ज्यादा ना करे.

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