कैल्शियम की कमी के लक्षण और इलाज के 10 सफल घरेलू उपाय

कैल्शियम की कमी कैसे दूर करें: कैल्शियम हमारे शरीर में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण खनिजो में से एक है. जिसे हम हड्डियों और दांतों की मजबूती और उनके विकास के लिए जरुरी मानते है. पर आप शायद ये नहीं जानते हो कैल्शियम हमारी मांसपेशियों और नसों के कार्यो को भी नियंत्रण में रखने में अहम योगदान देता है. बॉडी में सबसे ज्यादा कैल्शियम ही होता है और हड्डियों का 99% भी कैल्शियम का होता है. महिलाओ को प्रेगनेंसी के दौरान और बच्चो में कैल्शियम की कमी होने के समस्या काफी देखी जाती है. इस लेख में आपन जानेंगे कैल्शियम की कमी के लक्षण इलाज और कमी पूरी करने के घरेलू नुस्खे.

कैल्शियम की जरुरी मात्रा उम्र के हिसाब से निर्धारित कर सकते है. व्यस्क और बूढ़े लोगो को रोजाना 1000 से 1300 मिलीग्राम, किशोरों को 1300 mg, बच्चो को 700-1000 mg और एक साल से कम के बच्चे को 200 से 300 mg कैल्शियम की आवश्यकता होती है. कैल्शियम की कमी आगे चलकर हड्डियों में कमजोरी और दूसरी कई बीमारियों को जन्म देती है. जिनके बारे में आगे हम विस्तार से जानेंगे. हलांकि हम कैल्शियम की गोली और आयुर्वेदिक दवाओ से भी इस समस्या से निजात पा सकते है. पर हमारे अनुसार मेडिसिन से जितना बचा जाये उतना अच्छा.

कैल्शियम की कमी के लक्षण : Calcium ki kami ke lakshan in Hindi

Calcium ki kami ka ilaj aur Kami Pura karne ke Upay

कैल्शियम की कमी का इलाज : Calcium ki kami ko Pura karne ke upay

1. आंवला

आंवला अपने एंटीऑक्सिडेंट गुणों के लिए जाना जाता है. और आंवले में कैल्शियम भरपूर मात्र में पाया जाता है जो कैल्शियम की कमी को दूर करता है. इसके साथ ही आपके रोग प्र्तिरोशक क्षमता को भी बढाता है. आंवले को हम कच्चा भी खा सकते है या फिर पानी में उबाल कर इसका सेवन करना चाहिए.

2. दूध

कैल्शियम की कमी का पूरा करने के उपाय में दूध काफी जरुरी है. दूध में कैल्शियम काफी होता है जो हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत जरुरी है. दिन में एक गिलास दूध सुबह शाम पीने से कैल्शियम बढ़ाने में मदद मिलेगी.

3. तिल के बीज

तिल के बीज कैल्शियम की कमी का इलाज का एक बेहतरीन घरेलू नुस्खा है. एक बड़ी चमच तिल के बीज में लगभग 90 मिलीग्राम कैल्शियम होता है. इसका सेवन हम कई तरीको से कर सकते है. ये बीज पीसकर उसका पाउडर बनाकर हम आंटे में मिलकर खा सकते है या फिर किसी सूप या सलाद के साथ भी इसका सेवन किया जा सकता है.

4. रोजाना धूप सेंके

सूरज की धुप से हमें विटामिन डी मिलता है और विटामिन डी हमारे शरीर में कैल्शियम को अवशौषित करने में मदद करता है.
इसलिए रोजाना सुबह 10 से 20 मिनट तक धुप में बैठे. ध्यान रखे धूप ज्यादा तेज़ भी न हो.

5. अश्वगंधा

कैल्शियम की कमी का घरेलू आयुर्वेदिक उपचार के लिए अश्वगंधा काफी मददगार होती है. जैसा की हम सब जानते है अश्वगंधा एक प्राचीन जड़ी बूटी है जो आयुर्वेदिक दवा के रूप में जानी जाती है.  इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण इस समस्या में ये काफी प्रभावी होती है.

6. जीरा

एक गिलास साफ़ पानी उबाले और उसमे एक चमच्च जीरा डाले. अब इसे थोड़े देर के लिए ठंडा होने के लिए रख दे. और इसे सुबह शाम दिन में 2 बार पिए. ये एक कैल्शियम बढ़ाने के लिए प्रभावी घरेलू नुस्खा है.

7. दही

कैल्शियम बढ़ाने के लिए दही का सेवन करना एक कारगर घरेलू उपाय है. एक कटोरी दही में 250 से 300 मिलीग्राम कैल्शियम होता है. कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए खाने के साथ दही जरुर खाए.

8. ड्राई फ्रूट्स

ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे) में कैल्शियम काफी मात्रा में पाया जाता है. इनमे मैग्नीशियम भी मिलता है जो कैल्शियम को सोखने में फायदेमंद है. इसलिए जिन लोगो में कैल्सियम की कमी वो उसे पूरा करने के लिए बादाम, काजू, अखरोट जैसे सूखे मेवो को खाने में शामिल करे.

9. कैल्शियम कम करने वाले खाने से परहेज

कुछ इससे चीजे है जिनके सेवन से कैल्शियम कम होता है. ज्यादा तले हुए खाने, शराब और निकोटिन उनमे से है. अगर किसी को कैल्शियम की कमी है तो इन चीजो के सेवन से बचे.


10. कैल्शियम की गोली (दवा)

जिन पुरुषो महिलाओ और बच्चो के शरीर में कैल्शियम का स्तर ज्यादा कम हो गया है उसके लिए आप कैल्शियम की कमी पूरा करने के लिए गोली (टेबलेट) और दूसरी दवा ले सकते है. ऐसे कोई भी मेडिसिन लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरुर ले.

 

कैल्शियम युक्त भोजन : Calcium kisme hota hai in Hindi

  • वसा के बिना दूध
  • दही
  • पनीर
  • संतरे का जूस
  • अंजीर
  • पालक और गोभी जैसे हरी सब्जिया
  • सूखे मेवे (बादाम, अखरोट, काजू)
  • सोयाबीन और सोया से बने पदार्थ
  • मच्छली

कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग : Calcium ki kami se Nuksan (Bimari)

  1. कैल्शियम की कमी होने से आगे चलकर याददाश्त जाने का खतरा रहता है.
  2. मुह और उंगलियों में अकडन रहना.
  3. दिमागी और मानसिक रुक से थकान रहना, जल्दी से थक जाना.
  4. बच्चो में कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियों का विकास रुकने के साथ उनमे विकार भी आ सकते है.
  5. हड्डिय कमज़ोर हो जाती है जीने उनके टूटने का खतरा रहता है
  6. उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) और ऑस्टियोपोरोसिस जैसे गंभीर रोग भी कैल्शियम की कमी के वजह से हो सकते है.

One Response

  1. Ak

Leave a Reply

error: Content is protected !!