बवासीर के लक्षण और घरेलू उपचार : Piles Treatment in Hindi

बवासीर के लक्षण और घरेलू उपचार इन हिंदी : गुदा के अंदर या बाहर सूजन और मस्से निकल जाने को बवासीर कहते है इंग्लिश में इस रोग को पाइल्स (Piles) कहते है। ये मस्से आकार में और दिखने में कई तरह से दिखाई दे सकते है। ज्यादातर मामलो में ये खुद ही ठीक हो जाते है पर कुछ मामलो में ये मस्से बढ़ जाते है और एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का रूप ले लेती है। बवासीर का इलाज करने से पहले इसके  के लक्षण जानना जरुरी है। इसके ट्रीटमेंट के लिए आम तौर पर सर्जरी (ऑपरेशन) या बवासीर की दवा का का सेवन किया जाता है। पर उसके लिए काफी खर्चा तो आता ही है पर उसके साथ में कई और परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। आज के इस लेख में हम Bawasir ke Lakshan aur Gharelu Upchar : Piles Treatment in Hindi बताएँगे।

 

कुछ भी उल्टा सीधा खा लेना और लम्बे समय तक अपने खान पान में ध्यान न देना बवासीर को जन्म देता है । लम्बे समय तक पुरानी कब्ज़ बने रहना आगे चलकर पाइल्स का रूप ले लेती है। कब्ज़ से पेट के द्वारा गुदा के आस पास की मांशपेशियो पर दबाव बनता है जिनसे उनमे सूजन बन जाती है। और जब ये समस्या बढ़ जाती है तो गुदा से खून भी निकलने लगता है जिसे खुनी बवासीर कहते है।

बवासीर के लक्षण घरेलू उपचार Piles Treatment in Hindi

बवासीर के लक्षण : Bawasir (Piles) ke Lakshan in Hindi

बवासीर 2 प्रकार का होता है भीतरी (Internal haemorrhoid) और बाहरी (Internal haemorrhoid) . जब मस्से गुदा के अंदर होते है उससे भीतरी और जब गुदा के बाहर सूजन होती है उसी बाहरी पाइल्स कहते है। ये रोग उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा होता है। मतलब बच्चो और किशोरों में बवासीर कम होता है।

  • गुदा के बाहर आस पास मस्से जैसे मांस जमा हो जाना जो दिखने या छूने पर गांठ के जैसे महसूस होते है। इनमे काफी दर्द भी हो सकता है।
  • लेटरिंग जाने के बाद यानी मल त्यागने के बाद भी लगना की पेट अभी भी भरा हुआ है।
  • मल त्यागने समय या बाद में खून आना एक बवासीर का लक्षण माना जाता है।
  • गुदा के आस आपस या अंदर तेज़ खुजली या दर्द होना।
  • आस पास की जगह लाल हो जाना।
  • भीतरी बवासीर में मल त्यागने के लिए जब जोर लगाते है तो मस्से बाहर की तरह लटकने लगते है। जिन्हें आप ऊँगली से अंदर कर सकते है।

 

बवासीर के घरेलू उपचार : Piles Treatment in Hindi

  1. बवासीर का घरेलू उपचार के लिए अनार एक रामबाण उपाय है। एक बर्तन में कुछ पानी ले और उसमे अनार के छिलके डालकर बाल ले। ये अनार के छिलके का पानी ठंडा होने पर दिन में 2 बार पिए।
  2. अरंडी का तेल (castor oil) एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल होता है और इसके साथ सूजन कम करने में भी आरंडी का तेल बहुत असरदार है। बवासीर के दर्द और मस्से से छुटकारा पाने में ये तेल काफी मददगार है। रात को दूध में लगभग 3 ml आरंडी का तेल डालकर पिए और मस्से वाले जगह पर भी लगाए।
  3. आम की गुठली सुखा ले और सूखने पर उन्हें पीस कर चूरन बना ले। आम की सुखी गुठली से बने पाउडर की 2 चमच्च में थोडा शहद मिलाये और दिन में 2 बार सेवन करे। ये एक सफल बवासीर का घरेलू उपचार है।
  4. पाइल्स ट्रीटमेंट के लिए जामुन का फल काफी प्रभावी है। Bawaseer के रोगी रोजाना सुबह खली पेट कुछ जामुन में नमक लगाकर खाए इससे आपको कुछ ही दिनों में फायदा दिखाई देने लगेगा।
  5. अगर आपको बवासीर के शुरूआती लक्षण दिखाई दिए है तो आप त्रिफला चूर्ण का सेवन करना शुरू करदे। इससे आपको कब्ज़ की शिकायत नहीं रहेगी जो पाइल्स का एक प्रमुख कारण होता है। रात को सोने से पहले ये चूर्ण ले।
  6. बवासीर का दर्द काफी पीड़ादायक होता है इस दर्द से राहत पाने के लिए एक पका हुआ केला फेट कर दूध में मिलकर दिन में 3 बार सेवन करे।
  7. करेले का जूस निकलकर उसमे थोडा मक्खन मिलाये। पाइल्स के देसी उपचार के लिए सुबह खाली पेट इस करेले के जूस और मक्खन के मिश्रण का सेवन करे।
  8. Bawaseer ka Gharelu Upchar के लिए पीड़ित को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चहिये। इससे खाना अच्छे से हज़म होगा और कब्ज़ नहीं बनेगा जिससे पाइल्स से बचाव होने के साथ इलाज में भी फायदा होगा।
  9. बाहरी हो या भीतरी खुनी बादी हर तरह की बवासीर के ट्रीटमेंट के लिए निम्बू एक कारगर घरेलू नुस्खा है। निम्बू , पुदीना और अदरक रस इन तीनो की आधा-आधा चमच्च सामान मात्रा में लेकर मिलाये और स्वाद के लिए थोडा शहद भी मिलाये। इस मिश्रण का दिन में एक बार सेवन करे।
  10. रात को 4-5 अंजीर पानी में भिगो कर रख दे और अगले दिन वो भीगी हुई अंजीर दिन में 2 बार उस पानी के साथ खाए। इस घरेलु उपाय को करने से बवासीर ठीक होने लगेगी।

 

बवासीर में परहेज : Piles me kya khaye aur kya nahi

  • अधित मिर्च मसाले वाले खाने से परहेज़ करे। ऐसे खानों से बवासीर बढ़ता है।
  • चाय कॉफ़ी और शराब पीना बंद कर दे। ये पेय पदार्थ कब्ज़ बनाते है जिनसे पाइल्स होने को बढ़ावा मिलता है।
  • फलो और हरी सब्जियों को अपने खाने में शामिल करे। फ्रूट जूस की जगह फल ही खाए क्योंकि इनमे फाइबर होते है।
  • रोजाना पपीता खाए , इस फल से हमारा पाचन क्रिया बेहतर होती है।
  • बवासीर की रोगी को ब्राउन राइस खाने की सलाह दी जाती है।
  • लाल मीट बिलकुल ना खाए। डॉक्टर के अनुसार पाइल्स के मरीजो के लिए रेड मीट काफी हानिकारक होता है।

 

मित्रो इस जानकारी बवासीर के लक्षण व घरेलू उपचार : Piles Treatment in Hindi? के बारे में अगर आपका कोई सवाल है तो निचे पूछ सकते है।

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